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अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को बच्चे विवश

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अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को बच्चे विवश

धर्मनाथ कुमार, बोकारो, राज्य सरकार जहां एक तरफ स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाकर गरीब छात्रों को सीबीएसइ पाठ्यक्रम में शिक्षा देने का दावा कर रही है. वहीं दूसरी तरफ बोकारो के राजकीय मध्य विद्यालय सेक्टर-02 सी ऐसी है कि जहां बच्चे जर्जर भवन में अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को विवश हैं. बारिश में छत से पानी टपकता है. भवन की दीवार भी दरक गयी है. बोकारो उपायुक्त कार्यालय से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस विद्यालय को देखने वाला कोई नहीं है. विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने सरकार से इसके जीर्णोद्धार और बेहतर करने की अपील की है. छात्रों का कहना है कि बारिश होने के दौरान पानी में भीग कर पढ़ना पड़ता है. विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शॉपी कुमारी ने बताया कि कई बार विद्यालय की हालात को लेकर पत्राचार किया गया, लेकिन इस पर कोई ठोस निर्णय अभी तक नहीं हो पाया है.

तीन शिक्षिका के भरोसे पठन-पाठन

बताते चलें कि विद्यालय में 206 बालक व 200 बालिका कुल 406 विद्यार्थी नामांकित है. जबकि तीन शिक्षिका के भरोसे पठन-पाठन हो रहा है. वहीं, विभाग को प्रतिदिन का आंकड़ा भेजना, उपस्थिति विवरणी भेजना, एमडीएम बनवाना और उसके साथ-साथ पठन-पाठन का कार्य करना. इसके अलावा गैर शैक्षणिक कार्यों में भी लगा दिए जाने से समस्या बढ़ जाती है. ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल पायेगी यह सहज ही समझा जा सकता है. इस व्यवस्था में शिक्षा का स्तर गिरना तय है.

बार-बार विद्यालय में हो रही चोरी

राजकीय मध्य विद्यालय में चोरी की घटना भी नहीं रूक रही है. बार-बार विद्यालय में चोरी हो रही है. अभी हाल में बोकारो ओल्ड ज़ेवेरियन एलुमनी ट्रस्ट की ओर से विद्यालय को 10 पंखा व 10 ट्यूबलाइट दिया गया था, जिसे विद्यालय में लगवा दिया गया था. लेकिन सात अगस्त को सारे पंखे व ट्यूबलाइट चोरी हो गयी. इसके पूर्व 24 जून को भी चोरी हुई थी. इसकी सूचना भी स्थानीय थाना को दी गयी थी, लेकिन अब तक आरापी गिरफ्त से दूर हैं.

असामाजिक तत्वों का बन गया है अड्डा

राजकीय मध्य विद्यालय बीएसएल स्कूल के भवन के एक भाग में चलता है. जो सुबह करीब नौ से अपराह्न तीन बजे तक संचालित किया जाता है. फिलहाल, बीएसएल स्कूल बंद हो गया है. चोरों ने पहले ही उसका दरवाजा, खिड़की आदि भी तोड़ दिया था. उसी भवन के एक भाग में झारखंड गवर्नमेंट का मध्य विद्यालय संचालित होता है. बीएसएल स्कूल बंद होने के बाद वह असामाजिक तत्वों और जुआ खेलने वालों का अड्डा बन गया है.

जल्द समस्या की जायेगी दूर

राजकीय मध्य विद्यालय टू सी की जर्जर स्थिति की जानकारी नहीं है. बच्चों को किसी तरह की परेशानी नहीं होना है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है. विद्यालय की प्राचार्या से सभी जानकारी लेकर जल्द ही जो भी विद्यालय की समस्या होगी प्राथमिकता के साथ दूर की जायेगी.

अतुल कुमार चौबे,

जिला शिक्षा अधीक्षक, बोकारो

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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