[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड बोकारो Bokaro News : कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से सर्वाइकल कैंसर : डॉ मीता

Bokaro News : कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से सर्वाइकल कैंसर : डॉ मीता

0
Bokaro News : कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि से सर्वाइकल कैंसर : डॉ मीता

Bokaro News : बोकारो. सेक्टर 4 सिटी सेंटर स्थित होप हॉस्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर में रविवार को बोकारो ऑब्स्टैटिक और गायनिक सोसाइटी की तरफ से ‘महिलाओं ने बढ़ते सर्वाइकल कैंसर पर चिंता और जागरूकता’ पर गोष्ठी का आयोजन किया गया. सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ मीता सिन्हा ने कहा : ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, स्किन कैंसर, लंग्स कैंसर, कोलोन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, लिंफोमा कैंसर सहित सौ से अधिक प्रकार के कैंसर होते हैं. सभी कैंसर के लक्षण व जांच अलग-अलग है. सर्वाइकल कैंसर तब होता है, जब गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होती है. जो शरीर के अन्य उत्तकों व अंगों पर आक्रमण करती है. जब यह आक्रामक होता है, तो गर्भाशय ग्रीवा के गहरे उत्तकों को प्रभावित करता है. ज्यादातर मामलों में 20 व 30 की उम्र में महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा में पूर्व-कैंसर परिवर्तन का पता लगता है. कैंसर का निदान तब किया जा सकता है, जब महिला 50 के आसपास होती है. पूर्व सचिव डॉ अनुप्रिया पंकज ने कहा : महिलाओं को नियमित ग्रीवा स्मीयर परीक्षण या पैप परीक्षण करवाना चाहिए. नियमित जांच व टीका से एचपीवी संक्रमण से बचाव में मदद मिल सकती है. डॉ कुसुम प्रकाश ने कहा : लक्षणों में पेशाब के दौरान दर्द, पेडू में दर्द, अधिक बार पेशाब करना, पेशाब के दौरान असामान्य मात्रा में खून का स्राव, मासिक धर्म के बीच लगातार का अंतर, अचानक वजन कम होना, अत्यधिक थकान, गांठ, त्वचा में बदलाव, तेज दर्द का होना प्रमुख है. रोकथाम के लिए एचपीवी के खिलाफ टीकाकरण, धूम्रपान से बचें, सुरक्षित सेक्स, नियमित पैप परीक्षण व नियमित रूप से सर्वाइकल स्क्रीनिंग कराया जाना चाहिए. मौके पर सोसाइटी से जुड़ी दर्जनों महिला चिकित्सक मौजूद थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel