Bokaro News : बीएसएल : सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

Bokaro News : सेल के सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन की ओर से कॉमन जीरो टॉलरेंस रूल्स लागू करने का निर्देश दिया गया है.

By JANAK SINGH CHOUDHARY | May 30, 2026 12:35 AM

बीएसएल में काम करने वाले अधिकारी, कर्मी व ठेका श्रमिक अलर्ट! अब सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर आर्थिक दंड लगेगा. पहली बार नियम तोड़ने पर 500 रुपया का जुर्माना लगेगा व चेतावनी पत्र दिया जायेगा. दूसरी बार गलती करने पर 1500 व तीसरी बार गलती करने पर 2500 रुपये का जुर्माना लगेगा. कोई चौथी बार नियम तोड़ता है तो नियमित कार्मिकों पर सीडीए रूल्स-1977 व स्टैंडिंग ऑर्डर-1997 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी. ठेका श्रमिकों का गेट पास तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. ठेका श्रमिकों पर लगाया गया जुर्माना ठेकेदार के बिल से काटा जायेगा, जबकि नियमित कर्मचारियों के मामले में राशि उनके पर्क्स और इंसेंटिव से समायोजित होगी. मालूम हाे कि सेल के सभी प्लांट व यूनिट्स में सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त व्यवस्था लागू की गयी है. सेल के सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन-रांची की ओर से जारी आदेश में “कॉमन जीरो टॉलरेंस रूल्स” लागू करने का निर्देश दिया गया है. प्रबंधन का कहना है कि अलग-अलग प्लांटों में अलग नियम लागू होने से भ्रम की स्थिति थी. इसलिए एक समान सुरक्षा नियम लागू किया गया है. ऊंचाई पर काम करने वालों के लिए सेफ्टी बेल्ट व हाइट-पास अनिवार्य

सभी प्लांटों को तत्काल प्रभाव से नियमों को लागू करने के निर्देश दिये गये हैं. बिना उचित एनर्जी आइसोलेशन के किसी मशीन पर काम नहीं होगा. चलती मशीनों के आसपास बिना सुरक्षा इंतजाम के काम नहीं होगा. ऊंचाई पर काम करने वालों के लिए सेफ्टी बेल्ट व हाइट-पास अनिवार्य किया गया है.

वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करना भी नियम उल्लंघन

बंद या प्रतिबंधित जगहों में बिना परमिट और बिना दूसरे व्यक्ति की मौजूदगी के प्रवेश नहीं मिलेगा. वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करना भी नियम का उल्लंघन होगा. दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट व चिन स्ट्रैप लगाना अनिवार्य है. ट्रिपल राइडिंग प्रतिबंधित रहेगी.

शराब पीकर प्लांट में प्रवेश करने वालों पर सख्त दंड

प्लांट परिसर में निर्धारित स्पीड लिमिट से तेज वाहन चलाने पर भी कार्रवाई होगी. शराब पीकर प्लांट में प्रवेश करने वालों व सेफ्टी इंटरलॉक या प्रोटेक्शन सिस्टम से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त दंड तय है.