चास, चास नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 16 के लोग मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं. जाम नाली, जर्जर सड़क, बिजली तार, पेयजल संकट, खराब स्ट्रीट लाइट की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई है. वार्ड की आबादी लगभग 15 हजार है. जबकि मतदाताओं की संख्या करीब साढ़े पांच हजार है. 2020 में नगर निगम बोर्ड भंग हो गया था. इसके बाद छह साल से निगम प्रशासक की देखरेख में काम हो रहा है, लेकिन आजतक इस वार्ड क्षेत्र का विकास नहीं हुआ.
स्थानीय निवासी जगन्नाथ बाउरी, बांसुरी बाउरी, मनोहर महतो, छत्रु महतो, पंचानन महतो, मो सलीम, चरण सहित अन्य ने कहा कि चास नगर परिषद से नगर निगम बना, लेकिन अभी तक वार्ड क्षेत्र में जल संकट का समाधान नहीं हुआ. पेयजल के लिए लोगों को भटकना पड़ता है. गर्मी में लोग रात जगकर पानी जुगाड़ करने में लगे रहते है. लगभग एक किलोमीटर दूर से महिलाएं पानी ढोकर लाती है. सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है. निगम की सफाई एजेंसी नियमित कचरा का उठाव नहीं करती है, जिस कारण जगह -जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है और कचरा के कारण नालियां भी जाम रहती है. बदबू से जीना दुश्वार हो गया है. कहा कि वार्ड के पुराना चास क्षेत्र में वर्षों से बिजली के जर्जर तार लटक रहे है. गर्मी में अक्सर तार टूट कर गिर जाते है. कई बार बिजली विभाग में तार बदलने का आग्रह किया गया, लेकिन अभी तक कवर्ड वायर नहीं लगाया गया है.