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ग्लानि का भावबोध युवाओं को करता है हतोत्साहित: सौम्या

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ग्लानि का भावबोध युवाओं को करता है हतोत्साहित: सौम्या

skill enhancement program: कॉलेज के महिला विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एफ.आई.सी.सी.आई की कन्वेनर सौम्या गुप्ता ने पीपीटी के माध्यम से युवा विद्यार्थियों को बताया कि हमें हमेशा बड़े से बड़े टास्क को छोटे- छोटे हिस्सों के बांट कर करना चाहिए और जब हम ऐसा करते हैं तो हमारा काम और आसान हो जाता है. इससे कार्य के पूर्ण न होने की गुंजाइश भी कम हो जाती है और हम ग्लानि के भाव में डूबने से भी बच जाते हैं.


यदि किसी कारणवश तब भी हमें असफलता हाथ लगे तो शोक में डूबने के बजाय ‘मूव ऑन’ कर जाना चाहिए. जीवन में अवसर का भरमार है,एक रास्ता बंद होता है तो अनेक रास्ते खुलते भी हैं. उन्होंने छात्र/छात्राओं को जी-20 के टेकइक्विटी प्लेटफार्म के बारे में भी बताया. जो कि सीखने और कौशल बढ़ाने के अवसरों का एक विशाल प्लेटफॉर्म है. यह प्लेटफॉर्म आज की प्रौद्योगिकी संचालित दुनिया में महिलाओं को डिजिटल कौशल और ज्ञान के साथ सशक्त बनाने के लिए कार्यरत है. इस सत्र में मुख्यतः यही बताया गया कि किस प्रकार छात्राएं टेक्विक्विटी का इस्तेमाल करके अपना तकनीकी एवं कौशल विकास और आसानी से कर सकती हैं क्योंकि वर्तमान समय में यह प्लेटफार्म विश्वभर के पचास से भी अधिक देशों के विद्यार्थियों को समय की मांग के अनुसार प्रशिक्षित कर और अधिक सक्षम बना रहा है. इस प्लेटफार्म पर कौशल विकास एवं तकनीकी प्रशिक्षण हेतु सवा सौ से भी अधिक कोर्स और प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं. जो निश्चित ही युवा छात्राओं के लिए आगामी दिनों में अत्यंत लाभदायक सिद्ध होंगे.

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महिला विकास प्रकोष्ठ की परामर्शदाता डा० नीलम सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रकोष्ठ की गतिविधियों की जानकारी दी. प्रो रामेश्वर राय ने फिक्की की प्रोग्राम संचालक सौम्या को पौधा भेंट किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक प्रो. रचना सिंह, डॉ.पल्लव एवं अन्य प्राध्यापक भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम में अनेक विद्यार्थी एवं शोधार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिया गया.

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