[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Rajya दिल्ली डॉ हर्षवर्धन को कृष्णा नगर के मतदाताओं ने 5 बार बनाया विधायक, अब बीजेपी से नाराज; इस बार कांटे की टक्कर

डॉ हर्षवर्धन को कृष्णा नगर के मतदाताओं ने 5 बार बनाया विधायक, अब बीजेपी से नाराज; इस बार कांटे की टक्कर

0
डॉ हर्षवर्धन को कृष्णा नगर के मतदाताओं ने 5 बार बनाया विधायक, अब बीजेपी से नाराज; इस बार कांटे की टक्कर
कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र
  • दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान
  • 8 फरवरी को होगी मतों की गिनती

KRISHNA NAGAR Assembly constituency : कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र दिल्ली के उन विधानसभा क्षेत्रों में से एक है, जिसे बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है.लेकिन पिछले दो विधानसभा चुनाव से आम आदमी पार्टी ने इस विधानसभा क्षेत्र पर अपना कब्जा जमा लिया है. इस विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में आप आदमी पार्टी के विधायक एसके बग्गा हैं. दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं, जिनमें से कृष्णानगर सीट पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. कृष्णा नगर दिल्ली के पूर्वी इलाके में स्थित विधानसभा क्षेत्र है जिसे ट्रांस-यमुना क्षेत्र भी कहा जाता है. यह विधानसभा क्षेत्र शहरी इलाके में है.

कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र का इतिहास

कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र बीजेपी का किला हुआ करता था. 1993 से 2013 तक इस सीट से बीजेपी के डॉ हर्षवर्धन विधायक रहे. उनके सांसद बन जाने के बाद यह सीट बीजेपी के हाथ से निकल गई है. 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में कृष्णानगर से आप नेता एसके बग्गा विजयी हुए थे उन्हें कुल 72,111 वोट मिले थे. बग्गा ने बीजेपी के डॉ अनिल गोयल को पराजित किया था, उन्हें 68,116 वोट मिले थे. कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ अशोक कुमार वालिया की स्थिति बहुत ही खराब रही थी उन्हें मात्र 5,079 वोट ही मिले थे. 2015 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो तब ही यहां से आप ही चुनाव जीती थी. एसके बग्गा ने उस चुनाव में बीजेपी की नेता और कद्दावर आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को पराजित किया था.यह चुनाव भी सीधी टक्कर का ही था.

कृष्णा नगर : हैट्रिक लगाने की तैयारी में आप

कृष्णानगर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी इस बार लगातार तीसरी जीत दर्ज करके हैट्रिक लगाने के मूड में है. आप ने एसके बग्गा पर एक बार विश्वास जताया है,चूंकि इस सीट के मतदाता एक चेहरे को पसंद करते हैं इसलिए बग्गा की उम्मीदवारी मजबूत ही मानी जाएगी. वहीं बीजेपी ने भी डॉ अनिल गोयल पर भरोसा जताया है. बीजेपी की कोशिश यह होगी कि वह अपने किले को एक बार फिर फतह कर ले. जबकि कांग्रेस ने गुरचरण सिंह राजू को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन मुकाबला सीधी टक्कर वाला ही नजर आ रहा है.

इसे भी पढ़ें : लक्ष्मीनगर विधानसभा सीट के मतदाताओं ने कभी किसी पार्टी को सिर पर नहीं बैठाया, मुकाबला होगा दिलचस्प

 तुगलकाबाद विधानसभा से हैट्रिक लगाने की तैयारी में आप, बीजेपी भी कमर कस कर तैयार

त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र पर AAP का कब्जा, बीजेपी किला ध्वस्त करने में जुटी

Previous article Jamshedpur news. सरायकेला की महिला ने बारीपदा में चार बच्चों को दिया जन्म
Next article शराब से भरी ऑटो ने राहगीर को मारी ठोकर, रेफर
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel