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Home Rajya dalma elephant human conflict : दलमा में हाथियों और मानव के टकराव को रोकने का उपाय खोजेगी टाटा मोटर्स, एक्सआइएसएस गांवों के विकास पर करेगा स्टडी

dalma elephant human conflict : दलमा में हाथियों और मानव के टकराव को रोकने का उपाय खोजेगी टाटा मोटर्स, एक्सआइएसएस गांवों के विकास पर करेगा स्टडी

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dalma elephant human conflict : दलमा में हाथियों और मानव के टकराव को रोकने का उपाय खोजेगी टाटा मोटर्स, एक्सआइएसएस गांवों के विकास पर करेगा स्टडी
दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी

ब्रजेश सिंह, जमशेदपुर : हाथियों के लिए संरक्षित दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी और आसपास में हाथियों के संरक्षण, मानव और हाथियों के टकराव को रोकने समेत जंगल में बसे गांवों के विकास को लेकर एक वृहद स्टडी की जा रही है. इसके क्रियांवयन को लेकर भी रुपरेखा तैयार की गयी है. इस कड़ी में टाटा मोटर्स कंपनी ने एक स्वयंसेवी संस्था के साथ मिलकर मैन एंड एलीफेंट कॉन्फ्लिक्ट (हाथी और मानव में संघर्ष) को रोकने के लिए एक वृहद प्लान तैयार करने जा रही है. इसका गहन अध्ययन कंपनी एनजीओ के माध्यम से करेगी. यह पता लगायेगी कि आखिर हाथियों के साथ मानव के संघर्ष को कैसे कम किया जा सकता है. इसको रोका कैसे जा सकता है. हाथियों के हैबिटाट (आजीविका) की क्या स्थिति है, मुआवजा लोगों को मिलने में देर क्यों होती है, वाइल्ड लाइफ की स्थिति का आकलन करेगी और एक वृहद प्लान तैयार कर इसमें भागीदार बनना टाटा मोटर्स चाहती है. इसको लेकर पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ झारखंड को एक आवेदन भी कंपनी की ओर से दिया जा चुका है. इसकी मंजूरी के बाद इसकी दिशा में काम को आगे बढ़ाया जायेगा. हाथियों के कोरिडोर और उनके नये मूवमेंट और बदलावों पर विस्तार से चर्चा की गयी. टाटा मोटर्स ने इसको लेकर महाराष्ट्र में पहले काम कर चुकी है, जिसके आधार पर यह आवेदन आया है.
एक्सआइएसएस गांवों के विकास पर करेगा अध्ययन
जेवियर इंस्टीच्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (एक्सआइएसएस) दलमा के जंगल के गांवों के विकास पर अपना अध्ययन करेगी. दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में करीब 85 से अधिक गांव है. इनका स्थायी तौर पर विकास कैसे हो सकता है. यहां रहने वाले लोगों के अनुकूल माहौल कैसे बनाया जा सकता है. वनवासियों की आजीविका कैसे बेहतर तरीके से चलेगा, इस पर भी विस्तार से रिपोर्ट तैयार करेगा.
डीप अध्ययन के आधार पर काम इसी वित्तीय वर्ष में शुरू होगा : नातेश
झारखंड के मुख्य वन संरक्षक एसआर नातेश ने कहा कि डीप अध्ययन टाटा मोटर्स और महाराष्ट्र की एक एजेंसी के माध्यम से कराने का प्रस्ताव है. वहीं, एक्सआइएसएस भी इसका अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर इसी वित्तीय वर्ष से दलमा के विकास काम होगा. मैन एंड एलीफेंट कांफ्लिक्ट को रोकने पर भी काम होगा.
दलमा के विकास में यह लाभकारी साबित होगा : डीएफओ
दलमा के डीएफओ अभिषेक कुमार ने बताया कि दलमा के विकास में यह अध्ययन काफी लाभकारी होगा. ये अध्ययन कारगर साबित होंगे. इससे दलमा के इको सिस्टम को और बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा. पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के पास टाटा मोटर्स ने अपना आवेदन दिया है. वहीं, एक्सआइएसएस को मंजूरी मिल चुकी है.

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