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Home बिहार वैशाली वैशाली बना पायलट जिला, अब QR कोड से होगी खाद की बुकिंग, किसानों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा

वैशाली बना पायलट जिला, अब QR कोड से होगी खाद की बुकिंग, किसानों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा

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वैशाली बना पायलट जिला, अब QR कोड से होगी खाद की बुकिंग, किसानों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा
हाजीपुर में उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग करते किसान

Hajipur News: (कैफ अहमद) बिहार के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब उर्वरक (खाद) खरीदने के लिए लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी. बिहार सरकार ने QR कोड आधारित ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग एवं वितरण प्रणाली की शुरुआत कर दी है. इस नई व्यवस्था के लिए पूरे राज्य में वैशाली और शेखपुरा को पायलट जिले के रूप में चुना गया है. तकनीक आधारित इस पहल से वैशाली को कृषि क्षेत्र में नई पहचान मिली है.

मोबाइल ऐप से होगी ऑनलाइन बुकिंग

18 जून से लागू हुई इस नई व्यवस्था के तहत किसान अपने मोबाइल से घर बैठे उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे. बुकिंग पूरी होने के बाद किसानों को एक QR कोड मिलेगा. इस QR कोड के जरिए किसान तीन दिनों के भीतर अपने चयनित उर्वरक विक्रेता से खाद प्राप्त कर सकेंगे.

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सांकेतिक तस्वीर

कालाबाजारी और भीड़ पर लगेगी रोक

नई व्यवस्था लागू होने से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता आएगी. खाद की कालाबाजारी, अनियमित वितरण और दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों पर रोक लगेगी. किसानों को समय पर उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा सकेगा.

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सांकेतिक तस्वीर

फार्मर आईडी नहीं होने पर भी मिलेगी सुविधा

जिला प्रशासन के अनुसार जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनी हुई है, वे आधार नंबर अथवा फार्मर आईडी के माध्यम से आसानी से लॉगिन कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं.

वहीं जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, जो बटाईदार हैं या पूर्वजों, मठ-मंदिर अथवा संस्थागत भूमि पर खेती करते हैं, उनके लिए भी अलग व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी किसान इस सुविधा से वंचित न रहे.

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सांकेतिक तस्वीर

स्मार्टफोन नहीं है तो ऐसे करें बुकिंग

जिन किसानों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), वसुधा केंद्र, पैक्स प्रतिनिधि, किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक की सहायता से ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग करा सकते हैं.

पहले ही दिन 200 से अधिक किसानों ने की बुकिंग

नई व्यवस्था शुरू होने के पहले ही दिन 200 से अधिक किसानों ने ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग कर इस तकनीक को अपनाया. जिला प्रशासन ने इसे किसानों की सकारात्मक भागीदारी बताया है.

प्रशासन ने किसानों को दी जरूरी सलाह

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय रखें, समय रहते उर्वरक की बुकिंग करें और किसी भी परिस्थिति में अपना OTP किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें.

पूरे बिहार के लिए बन सकता है मॉडल

वैशाली में शुरू किया गया यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर भविष्य में इसे पूरे बिहार में लागू किया जा सकता है. कृषि विभाग का मानना है कि इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी बनेगी.

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विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 7 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत नेटवर्क 10 नेशनल न्यूज चैनल से की, जहां समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और समसामयिक घटनाओं के विश्लेषण का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. जमीनी स्तर पर की गई उनकी रिपोर्टिंग ने उन्हें जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को गहराई से समझने का अवसर दिया. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कार्यरत हैं. यहां वे बिहार की राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, अपराध, चुनाव और जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यपरक, विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. देश और बिहार की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी उनकी पैनी नजर रहती है. जटिल विषयों को सरल, सटीक और सहज भाषा में प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है. डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, SEO, डेटा आधारित पत्रकारिता और आधुनिक स्टोरीटेलिंग तकनीकों के साथ काम करना उन्हें पसंद है. वे हमेशा ऐसे कंटेंट तैयार करने का प्रयास करते हैं, जो पाठकों के लिए उपयोगी, विश्वसनीय और तथ्य आधारित हो. पत्रकारिता में उनका उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ सामने लाना, पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना तथा जनहित की आवाज को मजबूती से उठाना है.
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