[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सुपौल भारत में मेहमानों की तरह होता है मौसम : डॉ राधेश्याम

भारत में मेहमानों की तरह होता है मौसम : डॉ राधेश्याम

0
भारत में मेहमानों की तरह होता है मौसम : डॉ राधेश्याम

– राधे श्याम पब्लिक स्कूल में गर्मी की विदाई व सर्दी के आगमन पर हुआ कार्यक्रम सुपौल. राधे श्याम पब्लिक स्कूल के विशाल रंगमंच पर गर्मी की विदाई और सर्दी के आगमन कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विद्यालय के संस्थापक डॉ राधेश्याम यादव एवं प्राचार्या सुजाता के ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर विद्यालय के संस्थापक डॉ राधेश्याम यादव ने कहा कि भारत में मौसम मेहमानों की तरह होते हैं. उनका स्वागत भी देवताओं सरीखा होता है. कहते भी हैं न, अतिथि देवो भवः. जैसे किसी अतिथि के आने से पहले तैयारी होती है, उसी तरह मौसम के स्वागत की भी तैयारी पूरे जोरशोर से होती है. मौसम बदलने वाला है, यह किसी भी घर की तैयारी को देखकर लगाया जा सकता है. तैयारी का आलम तो यह है कि मौसम बदलते ही जैसे पूरे घर की व्यवस्था ही बदल जाती है. डॉ प्राचार्या सुजाता के ने भी भारत के ऋतुओं की व्याख्या की. विद्यालय के संचालक डॉ विजय कुमार ने भारतीय ऋतुओं की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां की हर ऋतुओं का एक अलग ही महत्व है. प्राध्यापक शशिभूषण दिवाकर ने कहा कि भारत छह ऋतुओं का देश है. ऐसा सौभाग्य किसी भी देश को प्राप्त नहीं है. इस अवसर पर विद्यालय के छात्र, छात्राओं ने विभिन्न कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया. वर्ग षष्टम् की छात्रा ने महामना संत कवि, गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के किश्चकिंधा कांड में वर्णित वर्षा विगत शरद ऋतु आई, प्रभु श्री राम जी द्वारा श्री लक्ष्मण जी को संबोधित किया गया संवाद का वर्णन बहुत ही सुन्दर स-स्वर में किया. कक्षा तृतीय की छात्र, छात्राओं के द्वारा महाभारत के कुछ प्रसंगों का अभिनयात्मक दृश्य प्रस्तुत किया गया. विद्यालय के छात्रों द्वारा अनेक कविता पाठ एवं कहानी, वाचन को प्रस्तुत किया गया, तथा ड्रॉइंग, पोस्टर आदि का प्रस्तुतीकरण कर अपने-अपने कला का प्रदर्शन किया. सभी प्रतिभागी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र, छात्राओं को सम्मान पत्र एवं सील्ड, मेडल से पुरस्कृत किया गया. सभी छात्रों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया. इस अवसर पर देश के विभिन्न प्रांत, केरल, उडीसा, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, बिहार के शिक्षक सुनील कमार यादव, संजय गोईत, पार्थ सारथी, विकाश बारूई, कृष्णकांत शर्मा, अरूण अनटनी, श्याम प्रवीण, योगेश बघेल, इमानुल जोन, राधे कुमार, रंजीत झा. सौरभ दास, संतोष यादव, अस्वथी प्रभा, श्रीमति दुर्गा, सुश्मिता झा, सोनाली सिंह, कुमारी अंजली, आदि मौजूद थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel