[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सुपौल जिला संतमत सत्संग का 32वां दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन संपन्न

जिला संतमत सत्संग का 32वां दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन संपन्न

0
जिला संतमत सत्संग का 32वां दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन संपन्न

कटैया-निर्मली. जिला संतमत सत्संग का 32वां दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन शुक्रवार को पिपरा प्रखंड के पथरा करिहो वार्ड नंबर 2 में समापन हुआ. समापन के दिन हजारों की संख्या में सत्संग प्रेमियों की भीड़ प्रवचन सुनने के लिए उमड़ पड़ी. अखिल राष्ट्रीय संतमत सत्संग महासभा के आचार्य महर्षि योगानंद परमहंस जी महाराज अन्य वरिष्ठ साधु महात्माओं के द्वारा प्रवचन दिया गया. सत्संग के अंतिम दिन आचार्य महर्षि योगानंद परमहंस जी महाराज ने सत्संग के माध्यम से श्रोताओं को सत्संग के ज्ञान एवं लाभ के बारे में जानकारी दिए. वहीं अपने संबोधन के दौरान महर्षि योगानंद परमहंस जी महाराज ने कहा कि ध्यान से परमात्मा की प्राप्ति संभव है. इसे पाप का नाश होता है. जीवन चक्र में संचित पाप को ध्यान के माध्यम से मिटाया जा सकता है. ज्ञान के बाद अंदर से अग्नि प्रज्वलित होगी. जो संचित पाप को जलाकर भस्म कर देगी. सत्संग के सानिध्य से ही मानव का कल्याण संभव है. सत्संग के प्रभाव से मनुष्य में सत्कर्मों को अपनाने की प्रवृत्ति जागृत होती है. लोगों को संतमत के बतलाए मार्ग को अपने जीवन में अनुशरण करने की बात कही. उन्होंने कहा कि यह मानव शरीर बड़ी मुश्किल से मिला है इसी शरीर के अंदर मानव का सभी स्वरूप है. इसी शरीर के अंदर मानव का सभी स्वरूप है हम जिस रूप में इस शरीर रूपी मन को ले जाएंगे. हमारा मन वही जाएगा. सत्संग में लोग संतों के वाणी को सिर्फ श्रवण तो जरूर करते हैं परंतु घर पहुंचते ही सारी बातों को भूलाकर यह मन चंचल हो जाता है. तभी से इस मन के अंदर कुर्तियां पैदा होती है. लोग गलत मार्ग पर चलने को मजबूर हो जाते हैं. इसलिए पवित्रता में ही ईश्वर का वास होता है. मन पवित्र तो सारा जीवन पवित्र हो जाएगा. लेकिन आज के इस आधुनिकता के युग में लोग अपना बहुमूल्य समय इधर-उधर के कामों में भटकाता है. उसमें से सिर्फ 10 मिनट ईश्वर की भक्ति में लगेगा उनका जीवन साकार हो जाएगा. सत्संग समापन के बाद युवा नेता विवेक कुमार यादव, कुणाल कुमार झा, इंजीनियर संतोष कुमार झा, राहुल कुमार द्वारा आए हुए महात्माओं के साथ कार्यकर्ताओं को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया. सत्संग कार्यक्रम को सफल बनाने में पैक्स अध्यक्ष जनार्दन यादव, मुखिया जयप्रकाश मंडल, छोटी मिश्र, पूर्व मुखिया विक्रम मंडल, सरपंच छोटेलाल शर्मा, किशन मिस्त्री, भूषण साह, राम रूप मंडल, गेनाय साह, योगेंद्र चौधरी, देवनारायण चौधरी, लक्ष्मण यादव, गणेश यादव, कृष्ण कुमार भार्गव, पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेंद्र यादव, अनिल ठाकुर, सुंदर मंडल सहित अन्य ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel