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Home बिहार सुपौल बकाया भुगतान नहीं करने पर पारस अस्पताल प्रबंधन ने शव को कब्जे रखा, ट्रस्ट ने बिना भुगतान का कराया मुक्त

बकाया भुगतान नहीं करने पर पारस अस्पताल प्रबंधन ने शव को कब्जे रखा, ट्रस्ट ने बिना भुगतान का कराया मुक्त

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बकाया भुगतान नहीं करने पर पारस अस्पताल प्रबंधन ने शव को कब्जे रखा, ट्रस्ट ने बिना भुगतान का कराया मुक्त

छातापुर. पटना स्थित पारस अस्पताल में बकाया के कारण घेर कर रखे गये छातापुर निवासी युवक के शव को एक ट्रस्ट ने मुक्त कराकर परिजनों को सौंप दिया. छातापुर थानाक्षेत्र के लालगंज निवासी 26 वर्षीय अरूण सिंह 18 अप्रैल को दुर्घटना में जख्मी हो गये थे. 22 अप्रैल को पारस अस्पताल में भर्ती कराये गये अरूण की उपचार के क्रम में 29 अप्रैल को मौत हो गयी. मौत के बाद इलाज खर्च बकाया रहने के कारण अस्पताल प्रबंधन परिजनों को शव नहीं दे रहा था. राजनैतिक व विभागीय पैरवी के बावजूद प्रबंधन परिजनों को शव नहीं सौंप रहा था. ट्रस्ट से जुड़े छातापुर के एक सदस्य ने इसकी जानकारी ट्रस्ट के अध्यक्ष मनीष कुमार साह एवं सचिव आदित्य भगत को दी. जिसके बाद ट्रस्ट की टीम अस्पताल पहुंची और प्रबंधन से वार्ता कर शव को मुक्त करा लिया. शव सुपूर्दगी के बाद शोकाकुल परिजनों ने ट्रस्ट की प्रशंसा करते राहत की सांस ली. जिसके बाद परिजन एवं ग्रामीणों ने ट्रस्ट की पूरी टीम को शनिवार को लालगंज बुलाकर स्वागत सम्मान करते सबों के प्रति आभार व्यक्त किया. इस दौरान टीम के सदस्यों ने अरूण की मौत पर दुख व्यक्त करते हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. मृतक अरूण के पिता गजेंद्र सिंह, माता सुशीला देवी, दादा कैलू सिंह आदि ने बताया कि बीते 18 अप्रैल को अरूण अपने फुफेरी बहन की शादी में बाइक से अकेले राघोपुर जा रहा था. मोतीपुर राइस मिल के समीप हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हो गया. सिमराही व नेपाल उपचार कराने के बाद बेहतर इलाज के लिए पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां एक सप्ताह तक चले इलाज के दौरान करीब साढे तीन लाख रुपये का भुगतान किया गया. अरूण की मौत के बाद अस्पताल इलाज का शेष बकाया साढे चार लाख रुपये भुगतान पर अड़ा था. लेकिन गरीबी के कारण राशि देने से वे लोग असमर्थ थे. आखिरकार लाइफ सेवियर फांउडेशन के सदस्य फरिस्ता बनकर आये और बिना किसी भुगतान के शव को मुक्त करा दिया गया. मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनीष कुमार साह, सचिव आदित्य भगत, कोषाध्यक्ष रजत रंजन, सदस्य सुजीत सिंह, शुभम राज, संजय मेहता, राहुल यादव, रितेश राणा, सौरभ कुमार, राजा राज, अविनाश कन्नौजिया, सुजीत झा, पिंटू मंडल, आदित्य सिंह के अलावे ग्रामीण सुरेश सिंह, अंबेडकर सिंह, संजय सिंह, शिवनंदन सिंह, राजेश सिंह आदि मौजूद थे.

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