कटैया-निर्मली (सुपौल) से इंद्रभूषण कुमार.
Supaul News: सिर्फ एक हल्की बारिश और पूरा गांव मुश्किलों में घिर गया. सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड स्थित जोलहनियां गांव की मुख्य ग्रामीण सड़क पानी में डूब गई है. सड़क पर बने गहरे गड्ढों में भरे पानी के बीच सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को झेलनी पड़ रही है. हर दिन बच्चे डर के साए में इस रास्ते से गुजरते हैं, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि कई शिकायतों और जनप्रतिनिधियों की पहल के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.
सड़क नहीं, बना हुआ है तालाब जैसा नजारा
जोलहनियां की मुख्य पक्की सड़क पर हल्की बारिश के बाद जलजमाव हो गया. सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते से गुजरने वाले बाइक और साइकिल सवार अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं. कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
सबसे अधिक परेशानी मध्य विद्यालय जोलहनियां और प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मण टोला जाने वाले बच्चों को हो रही है. अभिभावकों का कहना है कि हर सुबह बच्चों को इस रास्ते से भेजना चिंता का कारण बन गया है.
एक साल पहले हुई थी मरम्मत, फिर भी बदहाल सड़क
ग्रामीणों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क की मरम्मत लगभग एक वर्ष पहले ही कराई गई थी. लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए लोगों का आरोप है कि घटिया सामग्री और लापरवाही के कारण सड़क कुछ ही महीनों में टूट गई. अब हल्की बारिश भी इस सड़क की वास्तविक स्थिति उजागर कर देती है.
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद उन्हें सुरक्षित सड़क का लाभ नहीं मिल रहा.
विधायक की पहल भी नहीं लाई बदलाव
स्थानीय लोगों का दावा है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार जिला पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. पिपरा विधायक सह सत्तारूढ़ दल के सचेतक रामविलास कामत ने भी कार्यपालक अभियंता से सड़क की मरम्मत कराने का आग्रह किया, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
यदि यह दावा सही है तो यह प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है.
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Supaul News: ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
मुखिया मसरुद्दीन, सरपंच शिवशंकर मंडल, पूर्व मुखिया हेम नारायण मंडल, पूर्व सरपंच ब्रह्मदेव ठाकुर समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
फिलहाल गांव के लोग रोजाना इसी जर्जर और जलमग्न सड़क से गुजरने को विवश हैं. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बुजुर्गों और मरीजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है और हर गुजरते दिन के साथ किसी बड़े हादसे की आशंका भी बढ़ती जा रही है.
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