[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सुपौल सुपौल के पिपरा में अवैध बालू खनन बना मौत का कारण, गड्ढों में डूबकर दो बच्चों की मौत के बाद केस दर्ज

सुपौल के पिपरा में अवैध बालू खनन बना मौत का कारण, गड्ढों में डूबकर दो बच्चों की मौत के बाद केस दर्ज

0
सुपौल के पिपरा में अवैध बालू खनन बना मौत का कारण, गड्ढों में डूबकर दो बच्चों की मौत के बाद केस दर्ज
अवैध बालू खनन के कारण बन रहे गहरे गड्ढे

कटैया-निर्मली (सुपौल) से इंद्रभूषण की रिपोर्ट

Supaul News: पिपरा थाना क्षेत्र के ठाढी भवानीपुर पंचायत वार्ड संख्या 5 और जीवछपुर वार्ड संख्या 6 में लंबे समय से जारी अवैध उजला बालू खनन अब ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन गया है. खनन से बने गहरे गड्ढे लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं. इसी महीने दो मासूम बच्चों की डूबकर हुई मौत के बाद खनन विभाग और प्रशासन की नींद टूटी है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों द्वारा लंबे समय से अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा है. हालांकि भय और दबाव के कारण कोई भी खुलकर इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है.

दो बच्चों की मौत के बाद हरकत में आया प्रशासन

ग्रामीणों के अनुसार अवैध खनन के कारण बने गहरे गड्ढों में बरसात का पानी जमा हो जाता है, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. इसी महीने दो बच्चों की डूबने से हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. घटना के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

19 जून को हुई छापेमारी, 9 जगहों पर मिला अवैध बालू भंडारण

घटनाओं के बाद 19 जून को खनन विभाग की टीम ने ठाढी भवानीपुर और जीवछपुर क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया. जांच के दौरान कुल नौ स्थानों पर अवैध रूप से बालू का भंडारण पाया गया.

जिला खनन कार्यालय के निरीक्षक के अनुसार वार्ड संख्या 5 में 16 हजार 500 घन फीट और वार्ड संख्या 6 में पांच हजार घन फीट, यानी कुल 21 हजार 500 घन फीट उजले बालू का अवैध भंडारण मिला. हालांकि जांच के दौरान किसी भी खदान के वास्तविक संचालक की पहचान नहीं हो सकी.

Supaul News: डर के साए में ग्रामीण

खनन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों से अवैध कारोबारियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी नाम बताने की हिम्मत नहीं दिखाई. ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से जुड़े लोगों के खिलाफ बोलने पर उन्हें विरोध और दबाव का सामना करना पड़ सकता है.

अज्ञात के खिलाफ केस, कारोबारियों में मचा हड़कंप

मामले में अवैध बालू भंडारण करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ पिपरा थाना में कांड संख्या 213/26 दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और बालू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

विभागीय कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन नहीं रुका तो और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

इसे भी पढ़ें: बिहार के अमीन और राजस्व कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने शुरू की फेजवाइज प्रमोशन प्रोसेस

एनकाउंटर पर क्या है सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन? भरत तिवारी मामले के बाद शुरू हुई बहस

Previous article CUET UG की फाइनल आंसर की जारी, जल्द आएगा रिजल्ट
Next article चारदीवारी के बिना चल रहा मध्य विद्यालय मसूदन, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
Avatar Of Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel