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मनुष्य में धर्म के प्रति होता है विशेष गुण : आचार्य शास्त्री

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मनुष्य में धर्म के प्रति होता है विशेष गुण : आचार्य शास्त्री

राघोपुर. प्रखंड अंतर्गत हुलास गांव में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ गुरुवार से किया गया. सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस की कथा में श्रीधाम वृन्दावन के व्यास सत्यम कुमार शास्त्री ने कहा कि मनुष्य का परम धर्म है ईश्वर तत्व को जानना. यदि मनुष्य का शरीर मिल भी गया है और उस शरीर का यदि सदुपयोग नहीं किया जाए तो वह मनुष्य मनुष्य ना होकर के पशुवत हो जाता है. इसलिए आहार, निद्रा, भय और संतानोत्पत्ति यह तो मनुष्य जैसे करते हैं वैसे पशु भी करते हैं. किंतु मनुष्य में एक विशेष गुण है धर्म. जो पशु में नहीं पाया जाता है. मनुष्य ही एकमात्र ऐसा प्राणी है, जीव है, जीवात्मा है जो धर्म का आचरण करके मनुष्य की जीवन की जो सार्थकता है उसको प्राप्त कर सकता है. अर्थात धर्म को ग्रहण करके ईश्वर तत्व में प्रतिष्ठित करके परम धर्म और परम मोक्ष को प्राप्त कर सकता है. प्रथम दिवस की कथा के अंतर्गत श्रीमद्भागवत माहात्म्य, भक्ति नारद, सनत्कुमार-नारद मिलन गंगातट पर सप्ताह कथा, धुन्धकारी गोकर्णोपाख्यान, कथा विधि वर्णन आदि प्रसंगों पर वाख्या किया गया. वही वैदिक पंडित शुभम झा सहित वृंदावन धाम से आए अन्य पंडितों के वेद मंत्र उच्चारण के साथ क्षेत्र का माहौल भक्ति मय बना रहा. यज्ञ के सफल संचालन में यज्ञ के मुख्य यजमान अभेन्द्र झा, सुधा देवी, प्रेम झा सहित संपूर्ण ग्रामीण पूर्ण निष्ठा से जुड़े हुए हैं.

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