नेपाल में भारी बारिश का असर शुरू, सुपौल में कोसी का जलस्तर फिर बढ़ने के संकेत
Kosi Flood Alert : नेपाल में भारी बारिश के अलर्ट के बाद बराहक्षेत्र में कोसी नदी का जलप्रवाह बढ़ने लगा है. जल संसाधन विभाग ने सुपौल में तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है. जानिए ताजा स्थिति.
वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार.
Kosi Flood Alert: नेपाल में भारी बारिश के अलर्ट के बाद एक बार फिर कोसी नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है. बराहक्षेत्र में पिछले चार घंटे के दौरान जलप्रवाह में 15,775 क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज होने के बाद जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. फिलहाल कोसी बराज पर जलप्रवाह सामान्य सीमा में है, लेकिन नेपाल से बढ़ता पानी अगले कुछ घंटों में सुपौल तक पहुंच सकता है. यही वजह है कि अभियंता लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और तटबंधों पर चौकसी बढ़ा दी गई है.
नेपाल में बारिश का असर अब बिहार पर दिखने लगा है
कोसी नदी का मिजाज हमेशा नेपाल में होने वाली बारिश पर निर्भर करता है. जैसे ही नेपाल के पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश होती है, उसका असर कुछ घंटों बाद बिहार में दिखाई देने लगता है. इस बार भी स्थिति कुछ ऐसी ही बन रही है.
मंगलवार सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार कोसी बराज पर नदी का जलप्रवाह 91,445 क्यूसेक दर्ज किया गया. यह फिलहाल घटते क्रम में है, लेकिन नेपाल के बराहक्षेत्र में जलप्रवाह करीब 74 हजार क्यूसेक पहुंच चुका है और वहां पानी लगातार बढ़ रहा है. विभाग का अनुमान है कि बराहक्षेत्र से बढ़ा हुआ जलप्रवाह अगले कुछ घंटों में कोसी बराज तक पहुंचेगा, जिससे नदी का जलस्तर फिर बढ़ सकता है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
10 फाटक खुले, हर घंटे बदली जा रही रणनीति
कोसी बराज पर फिलहाल 10 फाटक खोलकर पानी का नियंत्रित निकास किया जा रहा है. जल संसाधन विभाग के अभियंता लगातार नेपाल से मिल रहे आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं. हर घंटे जलप्रवाह की समीक्षा की जा रही है ताकि स्थिति बदलने पर तत्काल निर्णय लिया जा सके.
अधिकारियों का कहना है कि अभी घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन नदी के बदलते रुख को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है.
तटबंध सुरक्षित, लेकिन चौकसी पहले से ज्यादा
संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए कोसी के दोनों तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. सभी स्पर और स्टड का निरीक्षण लगातार किया जा रहा है. विभाग के अनुसार फिलहाल सभी सुरक्षा संरचनाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और कहीं से किसी तरह की क्षति की सूचना नहीं है.
संवेदनशील स्थानों पर अभियंताओं और कर्मचारियों की टीम तैनात है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तत्काल मुख्यालय को भेजी जाए.
पटना: बिहार सरकार की सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली (2026) को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई.
तटवर्ती गांवों की बढ़ी चिंता
कोसी नदी का नाम सुनते ही सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और आसपास के तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ जाती है. हर मानसून में लोग नदी के जलस्तर पर नजर बनाए रखते हैं. फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है, लेकिन नेपाल में लगातार बारिश की संभावना ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है.
प्रशासन ने भी नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन व जल संसाधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें.
अगले कुछ घंटे रहेंगे सबसे अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो कोसी नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है. फिलहाल प्रशासन, जल संसाधन विभाग और अभियंताओं की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में है. लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके. अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगले कुछ घंटे कोसी के रुख को तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
इसे भी पढ़ें: बिहार के इन दो जिलों के बीच का सफर होगा आसान, 82 करोड़ होंगे खर्च, बनेगा नया बाईपास
अब 2500 स्कूटी सवार महिला सिपाही रखेंगी मनचलों पर नजर, सरकार ने जारी की गाइडलाइन
