[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सुपौल जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना बेहद आवश्यक : डॉ स्वामीनाथन

जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना बेहद आवश्यक : डॉ स्वामीनाथन

0
जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना बेहद आवश्यक : डॉ स्वामीनाथन

पिपरा. पिपरा स्थित एक हार्डवेयर दुकान परिसर में शुक्रवार को प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की नई पाठशाला का भव्य उद्घाटन डॉ ई बी स्वामीनाथन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर “वाह जिंदगी वाह” शीर्षक से एक भव्य आध्यात्मिक समारोह का भी आयोजन किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ स्वामीनाथन ने कहा कि वर्तमान समय कलयुग का दौर है, लेकिन इसके बाद एक नया युग आएगा, जिसमें सत्य, प्रेम और शांति की स्थापना होगी. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दिव्य गुणों का विकास होगा. उसी के प्रतीक के रूप में श्री कृष्ण जैसे आदर्श चरित्र का जन्म होगा. उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन को श्रीकृष्ण जैसे दिव्य गुणों से भरने का प्रयास करें. उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना बेहद आवश्यक है. “जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा हो रहा है और जो होगा वह भी अच्छा ही होगा. इस विचार को अपनाकर मनुष्य अपने जीवन की चिंताओं और तनावों को काफी हद तक कम कर सकता है. उन्होंने कई प्रेरणादायक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि आज के समय में मनुष्य की सबसे बड़ी समस्या मानसिक अशांति और बेचैनी है. इस अवसर पर दिल्ली से आई राजयोगिनी उमा दीदी और विमला दीदी ने भी अपने-अपने आध्यात्मिक अनुभव और जीवन को सुखमय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए. उन्होंने बताया कि राजयोग के अभ्यास से मनुष्य अपने भीतर छिपी शक्तियों को पहचान सकता है. जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. इस मौके पर पिपरा पाठशाला के सुनीति बहन शालिनी बहन लक्ष्मी बहन संजू बहन विश्वनाथ साह, उपेंद्र गुप्ता, शशि रंजन वर्मा, डॉ एके पौद्वार, मुन्ना गुप्ता आदि उपस्थित थे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel