[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सुपौल 38 केंद्रों पर इंटरमीडिएट की परीक्षा दो से, 23,485 परीक्षार्थी होंगे शामिल

38 केंद्रों पर इंटरमीडिएट की परीक्षा दो से, 23,485 परीक्षार्थी होंगे शामिल

0
38 केंद्रों पर इंटरमीडिएट की परीक्षा दो से, 23,485 परीक्षार्थी होंगे शामिल

– , छात्राओं के लिए बनाये गये 17 परीक्षा केंद्र – 11,857 छात्रा व 11,628 छात्र परीक्षार्थी देंगे परीक्षा सुपौल. जिले के 38 परीक्षा केंद्रों पर दो फरवरी से इंटरमीडिएट की परीक्षा ली जायेगी. शिक्षा विभाग इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है. इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए जिले भर में 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. जिसमें छात्राओं के लिए 17 व छात्रों के लिए 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. कुल 23 हजार ,485 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. इसमें 11 हजार 857 छात्रा और 11 हजार 628 छात्र परीक्षार्थी शामिल हैं. इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में छात्रों की तुलना में छात्राओं की संख्या अधिक है, जो जिले में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और बालिकाओं की भागीदारी को दर्शाता है. परीक्षा को लेकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त आदेश जारी कर कई आवश्यक निदेश भी दिया है. कदाचार मुक्त परीक्षा संपन्न कराने को लेकर केंद्रों पर सीसीटीवी व वीडियोग्राफी करायी जायेगी. परीक्षा को लेकर जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है. इसके लिए पदाधिकारी व कर्मी प्रतिनियुक्त किये गये हैं. 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचेगे परीक्षार्थी परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश कर लेना है. विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जायेगी. इतना ही नहीं परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए जूता-मौजा पहनकर परीक्षा केंद्र पर प्रवेश करना वर्जित रहेगा. परीक्षार्थी चप्पल पहनकर ही परीक्षा में प्रवेश करेंगे. परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर तलाशी के दौरान प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे की परीक्षा कक्ष में कोई भी परीक्षार्थी व वीक्षक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर नहीं जा रहे हैं. इसके बाद ही हॉल में प्रवेश करना दिया जायेगा. सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी व पुलिस बल की होगी तैनाती कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की गई है. संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है. परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था से बचा जा सके. इसके अलावा, केंद्रों पर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर सख्त रोक रहेगी. परीक्षार्थियों में उत्साह परीक्षार्थियों में भी परीक्षा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्र-छात्राएं अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. कोचिंग संस्थानों और विद्यालयों में रिवीजन क्लासेस का दौर जारी है. वहीं अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. इस वर्ष छात्राओं की संख्या अधिक होने को शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रही हैं. यह दर्शाता है कि अब समाज में बेटियों की शिक्षा को लेकर सोच में बदलाव आया है और अभिभावक उन्हें उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel