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Home बिहार सुपौल प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, धान की सीधी बुनाई कर कृषि में आत्मनिर्भर बने कृषक : सांसद

प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, धान की सीधी बुनाई कर कृषि में आत्मनिर्भर बने कृषक : सांसद

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प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, धान की सीधी बुनाई कर कृषि में आत्मनिर्भर बने कृषक : सांसद

– खरीफ महा अभियान 2025 के तहत जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सुपौल. कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण के तत्वावधान में कृषि विभाग द्वारा खरीफ महा अभियान 2025 के तहत शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित टॉउन हॉल में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित की गयी. कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद दिलेश्वर कामैत, जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा पप्पू कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम में सभी प्रखंड से प्रगतिशील कृषक सहित विभागीय कर्मी उपस्थित थे. कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामैत ने कृषि क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्यिक फसल जूट, तेलहन फसल के क्षेत्रफल विस्तार करने पर बल दिया. कहा कि खेती में लागत मूल्य कम हो, किसान आत्मनिर्भर बन सके. किसानों से कहा कि फसल विविधिता पर खेती कर जलवायु परिवर्तन से हुए चुनौतियों का सामना करते हुए प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, धान की सीधी बुनाई कर कृषि में आत्मनिर्भर बने. जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि कहा कि राज्य के अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है. यहां की 80 प्रतिशत जनसंख्या प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है. इसलिए बिहार सरकार कृषि के विकास एवं कृषकों के उन्नति के लिए उनके हित में कृषि विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाएं चला रही है. कहा कि इस वर्ष खरीफ मौसम में जिले में चलाए जा रही नई योजना तथा संकर धान योजना के अंतर्गत एराइज 6444 गोल्ड प्रभेद का बीज वितरण किया जाना है. मृदा स्वास्थ्य को हुए सुधारते हुए मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती जैविक खेती, मूंग की खेती, ढैचा की खेती कर 40 दिन बाद मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की रसायनिक एवं भौतिक संरचना अच्छी होती है. जिससे फसल की उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ती है. साथ ही मिट्टी का स्वास्थ्य भी अच्छी रहती है. साथ ही कृषि विभाग द्वारा चलायी जा रही योजना की विस्तृत जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण कार्यक्रम में चंद्र आलोक कुमार, डिप्टी डायेरक्टर, अमितेश कुमार, श्यामनंदन कुमार, अमृता कुमारी, अखिलेश कुमार, आशीष कुमार, सभी एसएओ, सभी बीएओ, सभी कृषि समन्वयक, सभी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सभी सहायक तकनीकी प्रबंधक, सभी किसान सलाहकार एवं प्रगतिशील कृषक आदि मौजूद थे.

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