[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सुपौल सभी को अपने संविधान का करना चाहिए आदर व सम्मान – प्राचार्य

सभी को अपने संविधान का करना चाहिए आदर व सम्मान – प्राचार्य

0
सभी को अपने संविधान का करना चाहिए आदर व सम्मान – प्राचार्य

लोगों को उनके मौलिक अधिकार व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के मनाते हैं संविधान दिवस – राष्ट्रीय संविधान दिवस के अवसर पर संगोष्ठी कार्यक्रम का हुआ आयोजन त्रिवेणीगंज. राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाई अनूपलाल यादव महाविद्यालय त्रिवेणीगंज के तत्वाधान में मंगलवार को राष्ट्रीय संविधान दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जयदेव प्रसाद एवं कार्यक्रम पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव द्वारा संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ यादव ने बताया कि लोगों को उनके मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाते हैं. जीने का नियम-व्यवस्था हमें एक सभ्य नागरिक होने का परिचय देता है. हमारे देश का कानून, नियम, व्यवस्था अर्थात हमारा संविधान बताता है कि हम कितने सभ्य व विकसित हैं. आजादी के पश्चात लोगों को व्यवस्थित करने के लिए एक नियम-व्यवस्था के तहत हमारे देश में संविधान का निर्माण किया गया. हमारा संविधान संसार का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. जिसमें निहित अधिकार और कर्तव्य हमें एक सभ्य एवं सशक्त नागरिक बनाता है. हम सबको अपने संविधान का आदर एवं सम्मान करना चाहिए. स्वयं सेवकों का कर्तव्य है कि लोगों को संविधान में निहित अधिकार एवं कर्तव्य का बोध कराकर सभ्य समाज के निर्माण में सहयोग करें. कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव ने बताया कि डॉ बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को संविधान का निर्माता अर्थात जनक कहा जाता है. वे संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष तथा तत्कालीन कानून मंत्री थे. संविधान को तैयार करने में 2 वर्ष 11 महीना 18 दिन का समय लगा. भारत की संविधान को 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया. जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया. संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ाने की दृष्टिकोण से यह दिवस मनाया जाता है. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक समन्वयक प्रो अशोक कुमार, प्रो अरुण कुमार, डॉ रंभा कुमारी, प्रो माधुरी लता, प्रो सुरेंद्र प्रसाद यादव, प्रो देवनाराय यादव, द्वितीय इकाई की कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो कुमारी पूनम, तृतीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी शंभू यादव, सोनू स्नेहिल, मृत्युंजय भारती, गगन कुमार, दिग्दर्शन, सानू कुमार, रंजन कुमार, निशांत कुमार कर्ण, करण कुमार कुणाल, हरेंद्र कुमार, रिया भारद्वाज, आकांक्षा, शिल्पी ज्योति, लवली कुमारी, सरिता कुमारी, निभा कुमारी, चुनचुन कुमारी, सानू शर्मा, सोनी कुमारी, शबनम कुमारी, रुबी कुमारी, सौम्या कुमारी, कोमल कुमारी, आरती कुमारी, अंजली कुमारी, प्रियंका कुमारी, प्रिया राज, खुशबू कुमारी, नेहा कुमारी, नीतू कुमारी आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel