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Home बिहार सुपौल स्वच्छता व सुरक्षित पेयजल से डायरिया से बचाव संभव-सीएस

स्वच्छता व सुरक्षित पेयजल से डायरिया से बचाव संभव-सीएस

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स्वच्छता व सुरक्षित पेयजल से डायरिया से बचाव संभव-सीएस

-डायरिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान सुपौल. जिले में डायरिया जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम और आम लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक व्यापक अभियान की शुरुआत की गई. सदर अस्पताल परिसर से एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. अभियान का उद्घाटन प्रभारी सिविल सर्जन डॉ ममता कुमारी ने फीता काटकर किया. इस अवसर पर डॉ ममता कुमारी ने कहा, डायरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकथाम योग्य बीमारी है. यदि लोग स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल पर ध्यान दें तो इससे बचाव पूरी तरह संभव है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उबालकर या फिल्टर किया गया पानी पिएं, खुले में शौच से बचें और ओआरएस घोल का नियमित उपयोग करें. नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया गया जागरूक कार्यक्रम की शुरुआत नुक्कड़ नाटक से हुई, जिसे एएनएम प्रशिक्षण संस्थान की छात्राओं ने प्रस्तुत किया. इस प्रभावशाली प्रस्तुति में डायरिया के कारण, लक्षण, सावधानियां और बचाव के उपायों को सरल भाषा में दर्शाया गया. नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसून के दौरान दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान डायरिया फैलाने का मुख्य कारण बनते हैं, जो खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक हो सकता है. गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता रथ प्रभारी सिविल सर्जन ने बताया कि यह जागरूकता रथ जिले के सभी प्रखंडों और गांवों में जाकर लोगों को डायरिया से बचाव के उपायों की जानकारी देगा. गर्मी और बरसात के मौसम में डायरिया के मामले बढ़ जाते हैं, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ओआरएस और जिंक टैबलेट का पर्याप्त भंडारण किया है. हेल्थ मैनेजर अभिनव आनंद ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय रूप से जोड़ा गया है. वे घर-घर जाकर डायरिया से बचाव से जुड़ी जानकारियां लोगों को देंगी और जरूरतमंदों को ओआरएस घोल व जिंक टैबलेट वितरित करेंगी. इस मौके पर डीपीएम मिन्तुल्लाह, बालकृष्ण चौधरी, अनुपमा चौधरी, शिवकुमार, अभिषेक कुमार, विवेकानंद, प्रदीप कुमार सिन्हा, सतीश कुमार, रूबी कुमारी, साक्षी कुमारी, रीतू कुमारी, नेहा कुमारी सहित आशा कार्यकर्ता, एनएम प्रशिक्षु, अस्पताल स्टाफ उपस्थित थे.

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