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Home बिहार सुपौल प्रखंड स्तरीय किसान गोष्ठी का आयोजन, वैज्ञानिक खेती पर दिया गया जोर

प्रखंड स्तरीय किसान गोष्ठी का आयोजन, वैज्ञानिक खेती पर दिया गया जोर

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प्रखंड स्तरीय किसान गोष्ठी का आयोजन, वैज्ञानिक खेती पर दिया गया जोर

– धान की उन्नत खेती और बीमारियों से बचाव को लेकर कृषि वैज्ञानिकों ने दी विस्तृत जानकारी सरायगढ़. ई-किसान भवन, सरायगढ़ में बुधवार को प्रखंड स्तरीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रामकृष्ण ने की। गोष्ठी का आयोजन खरीफ फसलों के उन्नत उत्पादन तकनीकों पर केंद्रित रहा, जिसका शुभारंभ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया. दीप प्रज्वलन में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के साथ-साथ वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ नित्यानंद (केवीके राघोपुर), आत्मा अध्यक्ष ज्ञानदेव मेहता, कृषि समन्वयक विवेकानंद, अनुज कुमार और वीरेंद्र कुमार शामिल हुए. गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ नित्यानंद ने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने पर कम लागत में अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार संभव है. उन्होंने विशेष रूप से धान की फसल में लगने वाली बीमारियों जैसे पीलापन, लालपन और पौधा गलने की समस्याओं पर प्रकाश डाला. किसानों की जिज्ञासा पर डॉ नित्यानंद ने बताया कि इन समस्याओं के समाधान हेतु उचित दवाइयों का उपयोग और सही मात्रा में पानी के साथ छिड़काव अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि एक एकड़ खेत में 200 लीटर पानी में 400 मिलीलीटर दवा मिलाकर छिड़काव करना चाहिए, अर्थात् प्रति लीटर पानी में 01 एमएल दवा की मात्रा सही मानी जाती है. इसके साथ ही उन्होंने सब्जी की फसलों में लगने वाली बीमारियों और उनके उपचार के बारे में भी किसानों को उपयोगी जानकारी दी. इस अवसर पर किसानों ने अपनी समस्याएं भी रखीं, जिनका समाधान मौके पर ही कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किया गया. गोष्ठी में आत्मा अध्यक्ष ज्ञानदेव मेहता, कृषि समन्वयक विवेकानंद, अनुज कुमार, वीरेंद्र कुमार, सहायक तकनीकी प्रबंधक भगवत प्रसाद, विद्या भारती, किसान सलाहकार राजेश कुमार, चंदन सिंह, श्याम कुमार भारती, रत्नेश कुमार, देवेंद्र भारती, कार्यालय सहायक लवली कुमारी, दिलीप कुमार, सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद थे.

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