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मनरेगा योजना से भीसी जीर्णोद्धार का कार्य शुरू

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मनरेगा योजना से भीसी जीर्णोद्धार का कार्य शुरू

किसानों को फसल सिंचाई में मिलेगी बेहतर सुविधा छातापुर. प्रखंड क्षेत्र के चुन्नी पंचायत वार्ड संख्या आठ में मनरेगा योजना से भीसी का जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया गया है. चरणै वितरणी नहर से निकले इस भीसी के बीच जुड़े तीन सायफन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है. सायफन क्षतिग्रस्त रहने से भीसी में पानी आना मुमकिन नहीं है. जिसके कारण भीसी की उपयोगिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. इलाके के किसान सुशील मेहता, शंकर कुमार राम, रूपेश कुमार, शिवकुमार मेहता, धर्मेंद्र कुमार मंडल, दिनेश मंडल आदि ने बताया कि पंचायत समिति के द्वारा भीसी की तल सफाई व जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है. चरणै वितरणी नहर से निकले इस भीसी में तीन जगह सायफन पड़ता है. सोहटा पंचायत अवस्थित यह तीनों सायफन वर्षों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है. सायफन क्षतिग्रस्त रहने से नहर से भीसी में पानी नहीं आ सकता. बताया कि भीसी के साथ-साथ तीनों सायफन का निर्माण आवश्यक है. सायफन निर्माण हो जाने से यह भीसी बहुत ही उपयोगी साबित हो सकता है. चूंकि इस भीसी के दोनों तरफ सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन है और प्रत्येक किसानों को फसल की सिंचाई के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं. खेतों के बीचों-बीच गुजरे भीसी का निर्माण हो जाने के बाद पटवन की समस्या दूर होगी और दर्जनों किसानों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. किसानों विभागीय अधिकारीगण व पदाधिकारी से क्षतिग्रस्त तीनों सायफन का निर्माण करवाने की मांग की है. ताकि भीसी की उपयोगिता साबित हो और फसल की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ हो सके. कहते हैं मनरेगा पीओ पीओ कौशल राय ने बताया कि सायफन का निर्माण सिंचाई विभाग के द्वारा होना है. यदि सिंचाई विभाग एनओसी के साथ सायफन का प्रारूप दें तो मनरेगा के द्वारा भी निर्माण कराया जा सकता है. कहते हैं सहायक अभियंता सिंचाई विभाग कार्य प्रमंडल मुरलीगंज के सहायक अभियंता उज्वल सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त सायफन की भौतिक निरीक्षण किया जायेगा. तत्पश्चात योजना का प्राक्कलन तैयार कर टीएसी की बैठक में समर्पित करेंगे. ताकि स्वीकृति मिलने का बाद सायफन का निर्माण कराया जा सके.

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