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Home बिहार सुपौल भक्ति, संगीत व नृत्य का अद्भुत संगम: महावीर मंदिर में संकीर्तन सह अष्टयाम बना आस्था का केंद्र

भक्ति, संगीत व नृत्य का अद्भुत संगम: महावीर मंदिर में संकीर्तन सह अष्टयाम बना आस्था का केंद्र

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भक्ति, संगीत व नृत्य का अद्भुत संगम: महावीर मंदिर में संकीर्तन सह अष्टयाम बना आस्था का केंद्र

सुपौल. शहर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध महावीर मंदिर में 31 दिसंबर से 09 जनवरी तक आयोजित संकीर्तन सह अष्टयाम को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. आयोजन के शुरू होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ने लगी है. खासकर संध्या के समय यहां का नजारा बेहद अलौकिक और भक्तिमय हो जाता है, जब दूर-दराज से आए श्रद्धालु भगवान के नाम-स्मरण में लीन नजर आते हैं. प्रतिदिन शाम ढलते ही महावीर मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्ति रस में डूब जाता है. संकीर्तन सह अष्टयाम में बड़ी संख्या में महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. महिलाएं फिल्मी गानों की तर्ज पर “हरे राम हरे राम, हरे कृष्ण हरे कृष्ण” का मधुर संकीर्तन गाते हुए भाव-विभोर होकर नृत्य करती हैं. उनकी सामूहिक भक्ति, ताल और लयबद्ध नृत्य से मंदिर परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. संकीर्तन के दौरान ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की मधुर धुनों के साथ पूरा माहौल आध्यात्मिक रंग में रंग जाता है. भक्तों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है. महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी इस धार्मिक आयोजन में समान उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं. मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं. साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं, ताकि भक्त बिना किसी परेशानी के पूजा-पाठ और संकीर्तन में शामिल हो सकें. आयोजन स्थल पर स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई है, जो श्रद्धालुओं को सहयोग प्रदान कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि संकीर्तन सह अष्टयाम जैसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं. जैसे-जैसे आयोजन अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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