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अब शहर के कुओं को अतिक्रमणमुक्त कराने का इंतजार

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अब शहर के कुओं को अतिक्रमणमुक्त कराने का इंतजार
सांकेतिक तस्वीर

महाराजगंज. शहर के सभी सीमा पर पोखरा व विभिन्न वार्डों के कदम-कदम पर कुआं होने के कारण महाराजगंज अनुमंडल मुख्यालय चर्चा का विषय बना रहता था. लेकिन, अतिक्रमण की वजह से शहर का यह परिचय समाप्ति के कगार पर पहुंच गया है. इसके लिए कई बार अभियान तो चला, लेकिन रिजल्ट शून्य ही रहा. कहीं-कहीं स्थायी कार्रवाई जरूर हुई. इन दिनों शहर की सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जिस तरह सख्ती के साथ प्रशासन अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चला रहा है, उससे लोगों में नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में बनाए गए कुआं के भी अतिक्रमण मुक्त होने की उम्मीद बढ़ी है. बता दें कि महाराजगंज शहर की एक अलग पहचान सदियों से रही है. एक समय था, जब यहां कदम-कदम पर तालाब व कुआं नजर आया करते थे.

व्यवसायिक सोच ने भू-माफियाओं का ध्यान इन कुएं की ओर खींचा और धीरे-धीरे सैंकड़ों की संख्या में कुआं समाप्त हो गई.अब शहर में उंगली पर गिनने लायक कुआं शेष रह गये हैं. जो कुआं अस्तित्व में हैं, उनके वजूद पर भी संकट बना हुआ है. कहीं आत के अंधेरे में तो कहीं दिन के उजाले में कुआं पर दुकान व मकान बना कर अतिक्रमण अनवरत हो रहा है. इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी अनीता सिन्हा ने बताया कि सड़क किनारे एवं सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने वाले लोगों से माईकिंग कराकर अतिक्रमण मुक्त करने की अपील की गयी है. अगर अतिक्रमणकारियों ने अविलंब खाली नहीं किया तो स्थल निरीक्षण करने के बाद जमीन मापी कर पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेट की निगरानी में अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा.

शहर से गायब हो गये 54 प्रतिशत पोखर

महाराजगंज नगर पंचायत के विभिन्न वार्ड के कुआं को भू-माफियाओं ने समय के साथ निगल लिया. दर्जनों कुआं को भरकर आलीशान इमारतें व दुकानें बना ली गयी. यह क्रम अभी भी अनवरत जारी है. ऐसा तब हो रहा है, जब सरकार एवं न्यायालय के स्तर से कुआं व तालाबों को समाप्त किये जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा हुआ है. बता दें कि एक समय था, जब यहां करीब 123 कुआं हुआ करते थे. आज महज 64 बच गये हैं. शहर के काजी बाजार, मछली हट्टा,सब्जी मड़ी,पुरानी बाजार, सिहौता, रामापाली,मोहन बाजार,नाखास चौक,नोनियाडीह,गल्ला पट्टी आदि जगहों के कुआं अतिक्रमण है.शहर के बड़े-बड़े लोगों तक के नाम अतिक्रमण करने वालों में शामिल है. लोग बेसब्री से अब इनके अतिक्रमण मुक्ति की राह देख रहे हैं.

शहर में सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 64 कुआं अस्तित्व में हैं. नगर विकास एवं आवास विभाग को नगर पंचायत प्रशासन की ओर से इन कुआं की सूची उपलब्ध करायी गयी थी. इसमें वार्ड संख्या 2, 3, 7,8 व 11 वार्ड शामिल हैं.

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