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Home बिहार सीवान बिहार में अब लक्षण से पहले होगी टीबी की पहचान, सिर्फ दो अस्पतालों को मिली जिम्मेदारी, सीवान सदर अस्पताल भी शामिल

बिहार में अब लक्षण से पहले होगी टीबी की पहचान, सिर्फ दो अस्पतालों को मिली जिम्मेदारी, सीवान सदर अस्पताल भी शामिल

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बिहार में अब लक्षण से पहले होगी टीबी की पहचान, सिर्फ दो अस्पतालों को मिली जिम्मेदारी, सीवान सदर अस्पताल भी शामिल
सांकेतिक तस्वीर

Siwan TB RT-PCR Test: टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए बिहार के सीवान सदर अस्पताल को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. राज्य में केवल दो संस्थानों का चयन आरटी-पीसीआर आधारित टीबी जांच परियोजना के लिए किया गया है. नई तकनीक की मदद से बिना स्पष्ट लक्षण वाले संक्रमित लोगों की भी शुरुआती चरण में पहचान संभव हो सकेगी.

बिहार के केवल दो संस्थानों में शामिल हुआ सीवान

देश में क्षय रोग (टीबी) की समय रहते पहचान और इलाज को बेहतर बनाने के लिए शुरू की जा रही नई परियोजना में बिहार के केवल दो संस्थानों का चयन किया गया है. इनमें आईजीआईएमएस, पटना और सीवान सदर अस्पताल शामिल हैं. यहां आरटी-पीसीआर आधारित टीबी जांच की व्यवहार्यता का परीक्षण किया जाएगा.

विशेषज्ञ टीम ने किया था लैब का निरीक्षण

जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने सीवान सदर अस्पताल की आरटी-पीसीआर लैब का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के बाद लैब को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया.

बिना लक्षण वाले संक्रमितों की भी होगी पहचान

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जिन लोगों में टीबी के स्पष्ट लक्षण नहीं हैं, उनकी भी स्पुटम जांच कर संक्रमण का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकेगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को क्वांटिप्लस एमटीबी फास्ट डिटेक्शन किट उपलब्ध करा दी है.

आधुनिक तकनीक से मिलेगी तेज और सटीक रिपोर्ट

आरटी-पीसीआर आधारित यह आधुनिक तकनीक टीबी के जीवाणु की अधिक तेजी और सटीकता से पहचान करने में सक्षम मानी जा रही है. इससे मरीजों का समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी और संक्रमण फैलने की आशंका भी कम होगी.

दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों से होगी फील्ड स्क्रीनिंग

परियोजना के तहत दो लैब तकनीशियनों की तैनाती की गई है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने दो अल्ट्रा-पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें भी उपलब्ध कराई हैं. इन मशीनों की मदद से अस्पताल के अलावा गांव और अन्य क्षेत्रों में भी स्क्रीनिंग की जा सकेगी.

2 जुलाई को होगा विशेष प्रशिक्षण

टीबी जांच से जुड़े लैब कर्मियों का 2 जुलाई को विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा. इस परियोजना में सहयोगी संस्था विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन (क्लिंटन हेल्थ एक्सेस इनिशिएटिव) अतिरिक्त तकनीकी विशेषज्ञों और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी करेगी.

10 दिनों में शुरू हो सकती है जांच

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रशिक्षण पूरा होने के लगभग 10 दिनों के भीतर सीवान सदर अस्पताल की आरटी-पीसीआर लैब में क्वांटिप्लस एमटीबी फास्ट डिटेक्शन किट से टीबी जांच शुरू होने की उम्मीद है.

सीडीओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जांच शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है और अगले 10 दिनों के भीतर नई व्यवस्था लागू होने की संभावना है.

टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीक से ऐसे संक्रमित लोगों की भी पहचान संभव होगी, जिनमें अभी तक टीबी के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते. इससे संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते रोकने और टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती मिलेगी.

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