प्रतिनिधि, सीवान. पर्व-त्योहार के बीच गंदगी से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत की खबर आई है. तीन महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने के बाद नगर परिषद क्षेत्र के एजेंसी में कार्यरत सफाई कर्मियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है. पिछले दो दिनों से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था के कारण शहर के 30 वार्डों में कूड़ा-कचरे का अंबार लग गया था. हड़ताल के चलते शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों तक हर जगह गंदगी पसरी हुई थी. कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया था. खासकर रमजान के महीने में रोजेदारों और नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता के नेतृत्व में एक अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में संविदा दैनिक मानदेय कर्मचारी व स्थायी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अमित कुमार, विभिन्न वार्डों के पार्षद तथा सफाई एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. सभी पक्षों के बीच लंबी वार्ता के बाद तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी. जिसके बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया. पहली मांग के तहत एजेंसी में कार्यरत सभी कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी देने पर सहमति बनी. तय हुआ कि प्रत्येक कर्मी को 12,840 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से भुगतान किया जाएगा. जिसमें नियमानुसार इपीएफ और ईएसआईसी की कटौती के बाद शेष राशि दी जाएगी. दूसरी मांग नियमित वेतन भुगतान की थी. जिस पर यह निर्णय लिया गया कि अब हर माह की 15 तारीख तक कर्मियों का पारिश्रमिक भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा. तीसरी और महत्वपूर्ण मांग बकाया भुगतान को लेकर थी. इस पर सहमति बनी कि एजेंसी के सभी कर्मियों का लंबित भुगतान मार्च 2026 के अंत तक कर दिया जाएगा. इन निर्णयों के बाद कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर दी और जल्द ही सफाई कार्य शुरू करने पर सहमति जताई.