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Home बिहार सीवान गायब हो गया 374 एमटी सीएमआर

गायब हो गया 374 एमटी सीएमआर

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गायब हो गया 374 एमटी सीएमआर

विवेक कुमार सिंह, सीवान: धान खरीद को लेकर कागजों में हुए खेल अब सामने आने लगे हैं. जिले के छह पैक्स पर अब भी वर्ष 2023-24 वित्तीय वर्ष का 374 मीट्रिक टन सीएमआर बकाया है. जिसे जमा करने की अंतिम तिथि विभाग के तरफ से 15 सितंबर तक ही निर्धारित है. सीवान सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक भी बकाया ऋण की राशि वसूली की कार्यवाही भी तेज कर दी है. विभाग की तरफ से कार्रवाई के डर से बचने के लिये कुछ पैक्स बाजार से ही चावल खरीद कर बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराने की जुगाड़ में जुट गये है. जिन पैक्स के द्वारा बार-बार समय बढ़ने के बाद भी सीएमआर जमा नहीं करने के पीछे कारण बताया जाता है कि उनके गोदाम में धान हीं नही है. ऐसे पैक्स अपने-अपने प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी से मिलकर कागज पर ही धान की खरीद कर ली. केवल किसानों का रजिस्ट्रेशन का उपयोग किया गया. धान खरीद के बाद जब प्रशासन ने गोदाम का सत्यापन कराया तो जांच अधिकारी भी अध्यक्ष व प्रबंधक सहित संबंधित बीसीओ से मिलकर धान गोदाम में वर्तमान समय में होने का रिपोर्ट दे दिये. लेकिन लगातार समय बढ़ने के बाद भी धान का मिलिंग नहीं करा रहे है. अगर उनके पास धान उपलब्ध रहता तो पहले ही चावल जमा करा दिये रहते. उस दौरान धान बेचने का राशि किसानों के खाते में आयी तो राशि उठा कर संबंधित पैक्स अध्यक्ष ने शहरों में जमीन खरीद अपने परिवार व रिश्तेदारों के नाम से कर ली. साथ ही कुछ ने तो लग्जरी वाहन भी खरीद लिये. उसके बाद उनके पास से रूपया भी खत्म हो गये. जब बार-बार विभाग के तरफ से चावल जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है तो वैसे पैक्स अध्यक्ष अब रूपो के व्यवस्था में जुट गये लेकिन व्यवस्था नहीं हो पा रहा है. जिससे बाजार से खरीद कर चावल नहीं जमा कर पा रहे है. अध्यक्ष, प्रबंधक पर होगी प्राथमिकी सबसे अधिक दरौंदा प्रखंड क्षेत्र के चार पैक्स पर चावल बकाया है. दरौंदा प्रखंड के बाल बंगरा, करसौत, रामगढ़ा, कोडरी कला, गोरेयाकोठी प्रखंड के सानी बसंतपुर और गुठनी प्रखंड के जतौर पैक्स पर सीएमआर चावल बकाया है. अगर ये लोग 15 सितंबर तक चावल जमा नहीं करते है तो विभाग के तरफ से कुर्की जब्ती सहित सर्टिफिकेट केस दर्ज कराकर राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी. साथ-साथ ही संबंधित थाना में भी अध्यक्ष, प्रबंधक व कार्यकारिणी पर प्राथमिकी दर्ज भी करायी जायेगी. नवंबर और दिसंबर माह में होने वाले पैक्स चुनाव से भी वंचित होना पड़ेगा. जिला सहकारिता पदाधिकारी सुमन कुमार सिंह ने बताया कि सभी पैक्सों को 15 सितंबर तक चावल जमा करने का समय विभाग के तरफ से दिया गया है. अगर ससमय चावल नहीं देते है तो विभागीय नियमानुसार कार्रवाई होगी.

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