[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सीवान जिले में इको टूरिज्म का होगा विकास

जिले में इको टूरिज्म का होगा विकास

0
जिले में इको टूरिज्म का होगा विकास
सांकेतिक तस्वीर

प्रतिनिधि, सीवान. सोमवार को जिला पदाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश की अध्यक्षता में जिले में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैठक हुई. बैठक में जिला वन पदाधिकारी ने बताया कि यहां हर साल ठंड का मौसम शुरु होने पर प्रवासी पक्षियों का आगमन बड़ी संख्या में होता है. इसको देखते हुए वन विभाग ने इनके संरक्षण ओर सवर्द्धन को लेकर कार्य करना शुरू कर दिया है. ताकि इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सके. इसी क्रम में को जिले के दो स्थलों पचरुखी प्रखंड के सुरैला चंवर व सिसवन प्रखंड के मेंहदार में स्थित कमलदाह सरोवर में एशियाई जल पक्षियों की गणना की गई है. जिनकी अच्छी खासी संख्या पाई गई है. इधर गणना कार्य पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि इन क्षेत्रों को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने हेतु हर संभव प्रयास किया जाएगा.कमलदाह सरोवर में इको टूरिज्म को विकसित करने के लिए तत्काल प्रयास प्रारंभ करने का निर्देश जिला वन पदाधिकारी गोपालगंज सह- प्रभारी जिला वन पदाधिकारी सीवान को दिया. प्रभारी जिला वन पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 130 एकड़ में फैले सुरैला चंवर में लगभग सालों भर पानी जमाव रहता है. इसको लेकर यहां पर इन प्रवासी पक्षियों के आगमन को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. कमलदाह सरोवर में भी बराबर पानी रहने के कारण ऐसे पक्षियों का आगमन होता है. इन प्रवासी पक्षियों की गणना की गई. मालूम हो कि जिले में वन विभाग की ओर से इस तरह की गणना पहली बार कराई जा रही है. इसके पहले से कोई ऐसा आंकड़ा जिले में उपलब्ध नहीं है, जिससे यह पता चल सके कि किस तरह के प्रवासी पक्षी जिले में हर साल आते हैं. इन पक्षियों की कितनी प्रजातियां जिले में आती हैं, कितने पक्षी लगभग हर साल इस जिले में आते हैं और कितनी की संख्या में फिर मार्च में ये लौट जाते हैं. इनके आने के साथ ही इनकी प्रजातियों और संख्या के बारे में पता लगाने के लिए मूलरुप से यह गणना की गई. अगर इनका सही आकलन हो जाएगा तो इको टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल सकेगा. पर्यटक भी इस जिले में आने लगेंगे. इन सारी संभावनाओं पर भी कार्य योजना बनाकर कार्य किया जा सकेगा. जिला वन पदाधिकारी गोपालगंज मेधा यादव ने कहा कि जिले के दो प्रखंडों-पचरुखी और सिसवन में एशियाई जल पक्षियों की गणना कराई गई है. इन स्थलों पर गणना होने के पश्चात विश्लेषण करने से सही ढंग से पता चल पाएगा कि किस तरह के प्रवासी पक्षी जिले में आते हैं. इनके संरक्षण और संवर्द्धन की योजना पर भी ठीक ढंग से कार्य किया जाएगा. जिला पदाधिकारी ने संरक्षण और संवर्द्धन की योजना पर ठीक ढंग से कार्य करने का निर्देश जिला वन पदाधिकारी को दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel