[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सीवान चेहरे व आंख को चाकू से गोद कर साइकिल मिस्त्री की हत्या, विरोध में सड़क जाम

चेहरे व आंख को चाकू से गोद कर साइकिल मिस्त्री की हत्या, विरोध में सड़क जाम

0
चेहरे व आंख को चाकू से गोद कर साइकिल मिस्त्री की हत्या, विरोध में सड़क जाम

दरौली (सीवान). स्थानीय थाना क्षेत्र के दोन बाजार में शुक्रवार की अहले सुबह साइकिल मरम्मत करने वाले दुकानदार का शव उसी की दुकान के सामने मिला. साइकिल दुकानदार दोन तिवारी टोला निवासी हरेंद्र राम (40 वर्ष) है. एक दिन पूर्व बहन की शादी व दूसरे दिन सुबह विदायी के चंद घंटे बाद ही भाई के शव को देख ग्रामीण आक्रोशित हो गये और सड़क जाम कर यातायात बाधित कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार आंख और चेहरे को धारदार हथियार से गोद कर उसकी हत्या करने के बाद उसके शव को दुकान के पास फेंक दिया गया है. परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को हरेंद्र की छोटी बहन सुशीला की शादी थी. शादी की सारी रश्म को हरेंद्र ने बड़े ही उत्साह के साथ पूरा किया. शादी के दूसरे दिन शुक्रवार को बहन सुशीला की विदाई हो रही थी, पर भाई हरेंद्र गायब था. सुशीला विदाई के बाद परिजन सहित संबंधी हरेंद्र को ढूंढने लगे, तो कही दिखाई नहीं दिया. काफी देर बाद परिजन उसे ढूंढते हुए उसकी दुकान की तरफ गये, तो देखा कि हरेंद्र दुकान के सामने अचेत पड़ा है. जब हरेंद्र को परिजन उठाना चाहे, तो देखा कि उसकी मौत हो चुकी है. उसके दोनों आंखें बुरी तरह जख्मी है. यह स्थिति देख परिजनों में कोहराम मच गया और ग्रामीण आक्रोशित होकर दरौली-मैरवा मुख्य मार्ग को दोन बाजार में जाम कर यातायात बाधित कर दिया. इधर, घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष रौशन कुमार व असांव थानाध्यक्ष रवि कुमार मौके पर पहुंच लोगों को समझाने की कोशिश की, मगर ग्रामीण नहीं माने और 25 लाख रुपये मुआवजे को लेकर सड़क जाम जारी रखा. घटनास्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक सत्यदेव राम ने ग्रामीणों को समझाया-बुझाया और सीओ विद्याभूषण भारती से पारिवारिक लाभ की 20 हजार राशि देने का आग्रह कर सड़क जाम समाप्त कराया. सड़क जाम हटने के साथ ही शव का पंचनामा बनाकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सीवान सदर भेज दिया. ग्रामीणों ने प्रशासन से इस घटना का शीघ्र खुलासा कर अपराधियों को पकड़ने की मांग की है. थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने कहा कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है. अपराधी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिये जायेंगे. जहां खुशियों की चहक थी, वहां पल भर में चीत्कार गूंजने लगी. बहन की डोली अभी उसकी ससुराल पहुंची ही थी कि भाई की अर्थी सजाने की तैयारी शुरू हो गयी. दरौली के दोन बाजार की इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को बल्कि पूरे गांव के लोगों को आंसूओं में डूबो दिया. दोन तिवारी टोला निवासी हरेंद्र राम अपनी बहन की शादी बड़े ही धूमधाम से की और ज्योही बहन की डोली को अपने घर से विदा किया वैसे ही संदिग्ध स्थिति में घर से लापता हो गया और जबतक परिजन उसे ढूंढ पाते अपराधी उसकी हत्या कर शव को उसी की दुकान के पास फेंक दिया. हरेंद्र की पत्नी कलावती अपनी ननद को विदा करने के बाद रिश्तेदारों की विदाई करने के लिए अपने पति को तलाशती रही और हरेंद्र जब मिला भी, तो निर्जीव रूप में. हरेंद्र को निर्जीव रूप में देख कलावती और उसके चारों संतानें दहाड़ मार कर चिल्लाने लगे, जिससे वहां मौजूद सभी संबंधी भी रो पड़े. जिस घर के दरवाजे पर कुछ ही देर पहले शहनाई की आवाज गूंज रही थी अब उसी दरवाजे पर रुदन-क्रंदन व विलाप की आवाज गूंज रही थी. हरेंद्र कोई बड़ा व्यवसायी या व्यक्ति नहीं था. वह तो साइकिल का पंचर बनाकर परिवार का भरण-पोषण करता था. हरेंद्र अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और उसके मंझले भाई की मौत भी पिछले वर्ष हो गयी थी. परिवार में हरेंद्र की पत्नी, दो बेटा व दो बेटी के अलावा एक छोटा भाई नागेंद्र है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel