सीवान. जिले के बहुचर्चित चिल्हमरवा दोहरा हत्याकांड में शनिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने भाकपा माले के विधायकों सत्यदेव राम व अमरजीत कुशवाहा समेत सभी 10 आरोपितों को बरी कर दिया. भूमि विवाद में 11 वर्ष पूर्व गुठनी थाना क्षेत्र के चिल्हमरवा गांव में बमबाजी व गोलीबारी की घटना में दो लोगों की मौत हो गयी थी. वहीं, एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस मामले में कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया. इस मामले में पिछले 20 मार्च को कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए फैसले की तिथि 30 मार्च तय की थी. इसको लेकर शनिवार को दोपहर बाद से ही न्यायाधीश नरेंद्र कुमार के एडीजे तीन सह एमपी-एमएलए कोर्ट में गहमागहमी बनी हुई थी. दोपहर 2:10 बजे कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. न्यायाधीश नरेंद्र कुमार ने कहा कि पीड़ित पक्ष घटनास्थल को लेकर कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका. साथ ही घटना में घायल बताये जा रहे घनश्याम मिश्र को गोली लगने की बात भी साबित नहीं हो सकी. कोर्ट के फैसले के दौरान इस घटना के लोक अभियोजक हरेंद्र सिंह तथा अपर लोक अभियोजक रघुवर सिंह, वादी के अधिवक्ता राजेश सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल तिवारी मौजूद रहे. मालूम हो कि पांच जुलाई 2013 को गुठनी थाना के चिल्हमरवा गांव में झोंपड़ी डालकर जमीन पर कब्जा करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था. इसी को लेकर गोलीबारी और बमबारी में सोहगरा निवासी मुकेश सिंह और बेलौर पंचायत के तत्कालीन मुखिया अमर सिंह के पुत्र राजू सिंह की गोली लगने से मौत हो गयी थी, जबकि चिल्हमरवा के घनश्याम मिश्र घायल हुए थे.