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Home बिहार सीवान मतदान प्रतिशत बढ़ने के और आसार, सभी दलों ने झोंकी ताकत

मतदान प्रतिशत बढ़ने के और आसार, सभी दलों ने झोंकी ताकत

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मतदान प्रतिशत बढ़ने के और आसार, सभी दलों ने झोंकी ताकत

जितेंद्र उपाध्याय, सीवान.

लोकसभा चुनाव के छठे चरण में सीवान सीट के लिए वोट डाले जायेंगे. इस बार का यहां मुकाबला दिलचस्प होते दिख रहा है. एनडीए के लिए यह चुनाव हैट्रिक लगाने का अवसर है, तो इंडिया गठबंधन की तरफ से राजनीति की लंबी पारी खेल चुके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के लिए पहली बार लोकसभा चुनाव में दावेदारी के लिहाज से उनकी अग्निपरीक्षा है. इन सबके बीच तीन बार राजद के टिकट पर चुनाव लड़कर हार का सामना करनेवाली हेना शहाब ने पहली बार मजबूत टक्कर देकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है. ऐसे में एनडीए की हैट्रिक लगेगी या विपक्ष के चक्रव्यूह के चलते नतीजे अप्रत्याशित होंगे. इस सवाल को लेकर अभी अटकलें लगायी जा रही हैं.

सीवान सीट के समीकरण जानने के लिए पिछले दो लोकसभा चुनाव के नतीजों को जानना जरूरी है. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के प्रति चुनावी लहर के दौरान ओमप्रकाश यादव ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे. हालांकि उसके पहले 2009 के चुनाव में ओमप्रकाश ने निर्दली बाजी मारी थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में कुल 1563860 मतदाता थे. जिनमें से ओम प्रकाश यादव ने कुल 372670 वोट पाकर अपनी जीत दर्ज करायी थी. उन्हें लोकसभा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में से 23.83 प्रतिशत ने समर्थन दिया था और उन्हें उस चुनाव में डाले गये वोटों में से 42.16 प्रतिशत वोट मिले थे. मुख्य मुकाबला राजद के हीना शहाब से रहा. उन्हें 258823 मत मिला था, जो लोकसभा सीट के कुल वोटरों का 16.55 प्रतिशत था और कुल वोटों का 29.28 प्रतिशत रहा था. ऐसे में जीत का अंतर 113847 रहा था. अब बात करते हैं वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का. इस बार एनडीए में यह सीट जदयू के खाते में चली गयी. यहां से कविता सिंह ने भाग्य आजमाया. वर्ष 2019 के चुनाव में कुल 1799551 मतदाता थे. जिनमें से कविता सिंह को 448473 वोट तथा राजद की हेना शहाब को 331515 वोट हासिल हुआ. कविता सिंह को कुल मतदाताओं में से 24.92 प्रतिशत मत मिला तथा कुल वोटों का यह 45.54 प्रतिशत रहा. राजद से हेना शहाब को 331515 वोट मिले थे, जो संसदीय सीट के कुल मतदाताओं का 18.42 प्रतिशत था. इन्हें कुल डाले गये वोटों में से 33.66 प्रतिशत वोट मिले थे. ऐसे में जीत का अंतर 116958 रहा था. मौजूदा लोकसभा चुनाव में कुल मतदाता 1896512 हैं. यह पिछले चुनाव से 96 हजार 961 मतदाता अधिक हैं. इस बार के चुनाव में पुरुष मतदाता 987808 तथा महिला मतदाता 908649 हैं. वर्ष 2019 में 56.53 प्रतिशत मतदान हुआ था. पिछले दो चुनावों का आकलन करें तो वर्ष 2014 के चुनाव में डाले गये वोटों में से 42.16 प्रतिशत वोट बीजेपी के ओमप्रकाश यादव को मिले थे. जबकि वर्ष 2019 में एनडीए के घटक दल जदयू से कविता सिंह को कुल वोटों का 45.54 प्रतिशत मत मिला था. ऐसे में एनडीए को वर्ष 2014 के मुकाबले 3.38 प्रतिशत अधिक मत मिला था. इसी तरह राजद से हेना शहाब को 2019 में कुल डाले गये वोटों में से 33.66 प्रतिशत वोट मिला, जो 2014 के चुनाव से 4.41 प्रतिशत अधिक मत रहा. मौजूदा चुनाव की खास बात यह है कि तीन चुनाव की हार के बाद हेना शहाब निर्दलीय मैदान में हैं. उनके समर्थकों का इसके पीछे तर्क है कि पिछले तीन चुनावों में हेना को राजद के जनाधार का एक हिस्से ने वोट नहीं किया. निर्दलीय चुनाव लड़ने पर सभी वर्गों का वोट सहेजा जा सकता है. हालांकि वर्ष 2009 के चुनाव में ओमप्रकाश यादव ने निर्दलीय चुनाव लड़कर अप्रत्याशित जीत हासिल की थी. उस समय के राजनीतिक व सामाजिक हालात व मौजूदा समय में काफी अंतर है. एनडीए ने सीवान सीट से पिछले दो चुनावों में लगातार जीत हासिल की है. इस बार एनडीए के घटक जदयू से उम्मीदवार विजय लक्ष्मी देवी के लिए पहला चुनाव है. हालांकि इनके पति ने राजनीतिक जीवन में लंबा सफर गुजारा है. विजय लक्ष्मी के समर्थक दावा करते हैं कि मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने को लेकर लहर चल रही है. यह लहर उम्मीदवार को जीत दिलायेगी. इसके अलावा राजद से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी की चुनाव में मौजूदगी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है. अवध बिहारी ने पांच बार विधानसभा सदस्य रहने के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष के गरिमामयी पद पर भी बने रहे हैं. इनके लिए यह पहला लोकसभा चुनाव है. ऐसे में कहा जा रहा है कि यह चुनाव त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ रहा है. जिसके चलते नतीजे अप्रत्याशित हो सकते हैं. मतों का प्रतिशत बढा़ने के लिए प्रमुख दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है.

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