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Home बिहार सीवान मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण ले सशक्त हो रहीं बेटियां

मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण ले सशक्त हो रहीं बेटियां

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विवेक कुमार सिंह, सीवान : आज की नारी अबला नहीं, सबला है. हमारे जिले की लड़कियां अपनी रक्षा खुद करने के लिए सशक्त हो रहीं हैं.
वे आत्मरक्षा को गुर सीख रहीं हैं. वर्तमान में सीवान के 69 सरकारी विद्यालयों की छात्राएं मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण ले रही हैं. वे कराटे, वूशु और ताइक्वांडों जैसे खेलों में पारंगत होने के साथ ही अपने-आपको मजबूत कर रही हैं.
पहले चरण में करीब 3170 छात्राओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया गया है. स्कूली छात्राओं के इस क्रेज की चर्चा पूरे जिले में हो रही है. यहां की बच्चियों का आत्मबल लगातार बढ़ रहा है.
ये बच्चियां अब किसी से कम नहीं हैं. राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने इन दिनों जिले में स्कूली छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यह प्रशिक्षण देने में मॉनिटर साबिर इमाम, अमन, मुकेश, शशि रंजन, मोनू कुमार, मनीष कुमार, मनोज कुमार, रंजीत कुमार आदि ट्रेनर लगे हुए हैं. पूरे जिले में करीब 36 ट्रेनर बच्चियों को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दे रहे हैं.
अब रास्ते में अकेले जाने में नहीं लगता डर
इन दिनों विद्यालयों में कराटे सीख रहीं उत्क्रमित हाइस्कूल बड़रम हुसैनगंज की छात्राएं पूजा कुमारी, पूनम कुमारी, सिखा कुमारी कहती हैं कि प्रशिक्षण लेने के बाद हमलोगों का आत्मबल बढ़ा है. स्कूल जाने में किसी प्रकार का भय नहीं लगता है. उत्क्रमित हाइस्कूल छाता हाता की छात्र प्रियंका कहती है कि पहले जब लड़कों की टोली रास्ते में देखती थी तो थोड़ा भय लगता था, लेकिन अब निर्भीक होकर राह से गुजरती हूं.
रागिनी कहती है कि मार्शल आर्ट के गुर, कराटे, वुशू और ताइक्वांडों का प्रशिक्षण लेने वाली हर एक लड़की का आत्मविश्वास बढ़ता जा रहा है. वह किसी भी परिस्थिति से लड़ने को तैयार हो रही है. वहीं प्रशिक्षण दे रहे प्रशिक्षक सह मानिटर साबिर इमाम कहते है कि कराटे के प्रति लड़कियों में ज्यादा जुनून देख जा रहा है. लड़कियां एक भी क्लास मिस नहीं करती हैं.
लड़कों की अपेक्षा लड़कियों के बीच ज्यादा क्रेज देखने को मिल रहा है.
नौवीं से 12 वीं तक की छात्राओं को दिया जा रहा है प्रशिक्षण
नौवीं से 12 वीं की छात्राओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण प्रतिदिन दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें खुद की रक्षा करने के साथ ही विषम परिस्थिति में दूसरों की मदद करने का तरीका भी सिखाया जा रहा है. यह प्रशिक्षण बिहार राज्य परियोजना परिषद से चयनित ब्लैक बेल्टधारी प्रशिक्षक और उनकी टीम दो चरणों में छात्राओं को प्रशिक्षित कर रही है.
पहले चरण में 14 फरवरी से सात मार्च तक प्रशिक्षण दिया गया है और द्वितीय चरण का प्रशिक्षण जल्द ही शुरू होने वाला है. इसको लेकर तैयारी शुरू होगी. प्रशिक्षण के दौरान पढ़ाई बाधित नहीं हो. इस पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसके अलाव कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के छात्राओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
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