सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
Sitamarhi Lok Adalat: नालसा (नई दिल्ली) एवं बालसा (पटना ) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में को एडीआर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. यह बैठक स्थायी लोक अदालत के सुचारू संचालन और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर बुलाई गई थी. बैठक की अध्यक्षता प्राधिकार की सचिव-सह-न्यायाधीश संजना गांधी ने की, जिसमें अधिक से अधिक मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने की रणनीति तैयार की गई.
बिना किसी खर्च और लंबी प्रक्रिया के सुलझेंगे मामले
बैठक को संबोधित करते हुए सचिव संजना गांधी ने कहा कि स्थायी लोक अदालत आम लोगों के लिए एक सुलभ और बेहद प्रभावी मंच है. यहां बिना किसी अदालती खर्च और लंबी कानूनी प्रक्रिया के विवादों का स्थायी समाधान किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच के मूल विवाद को हमेशा के लिए समाप्त करना है, जिससे समाज में शांति और सौहार्द का माहौल स्थापित हो सके.
जनोपयोगी सेवाओं के मामलों पर रहेगा विशेष फोकस
न्यायाधीश संजना गांधी ने बताया कि यह अदालत मुख्य रूप से आम जनता से जुड़ी जनोपयोगी सेवाओं के विवादों का निपटारा करती है. इसके तहत परिवहन, डाक, टेलीफोन, बिजली, पानी, सार्वजनिक सफाई, अस्पताल, बीमा, शैक्षणिक संस्थान और आवास जैसी आवश्यक सेवाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई कर उनका समाधान किया जाता है. उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे इन सेवाओं से जुड़े अपने विवादों के समाधान के लिए सीधे स्थायी लोक अदालत में आवेदन करें.
लोक अदालत का फैसला अंतिम, नहीं होगी कोई अपील
प्रक्रिया की जानकारी देते हुए सचिव ने बताया कि स्थायी लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सुलह के आधार पर ही मामलों का निपटारा किया जाता है. इस अदालत द्वारा जारी किया गया आदेश (अवार्ड) पूरी तरह अंतिम और सर्वमान्य होता है. इस फैसले के खिलाफ किसी भी ऊपरी अदालत में कोई अपील, रिवीजन या पुनरावलोकन नहीं किया जा सकता है. इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है.
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