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Home बिहार सीतामढ़ी भगवान श्रीराम का बाल रूप छात्रों के लिए अनुकरणीय : कथावाचक

भगवान श्रीराम का बाल रूप छात्रों के लिए अनुकरणीय : कथावाचक

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भगवान श्रीराम का बाल रूप छात्रों के लिए अनुकरणीय : कथावाचक

बेलसंड. प्रखंड के चंदौली राधा कृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम कथा के चौथे दिन कथावाचक श्रीश्री राघव शरण जी महाराज ने प्रभु श्री राम के बाल-लीलाओं का विस्तृत चर्चा किया. उन्होंने होनहार विरवा के होत चिकने पात कहावत को चरितार्थ करने की बात कहते हुए भगवान श्री राम के बाल रूप को अनुपम व वर्तमान परिपेक्ष्य में बालकों के लिए अनुकरणीय बताया. इस दौरान ठुमुक चलत रामचंद्र, बाजत पैजनिया एवं बाल काण्ड की संगीतमय चौपाइयों पर श्रद्धालु झूमते रहे. भोजन करत चपल चित, इत उत अवसर पाई भाजी चले किलकत मुख दधि ओदन लपटाई आदि चौपाइयों का वर्णन करते हुए कथावाचक ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस दौरान कई बार वे भाव विह्वल भी हुए. छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रामचरित मानस की चौपाई गुरु गृह गए पढ़न रघुराई, अल्प काल विद्या सब आई का नियमित पाठ करना चाहिए. महाआरती में आयोजक आशुतोष, परितोष व मुख्य यजमान रत्नेश्वर सिन्हा, मंदिर कमेटी के सदस्य व ग्रामीण रामप्रवेश सिंह, भाग्य नारायण सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, पप्पू सिंह, गुड्डू सिंह, साकेत सिंह, मनोज सिंह, चित्रेश तिवारी, धर्मेंद्र साह, डॉ मुकेश कुमार, राम इकवाल ठाकुर, स्कंद शांडिल्य ओमजी, शिवशंकर सिंह, बालाजी, उमाशंकर पुजारी, बसंत कुमार, ललित पांडेय, कामेश्वर मिश्र, नवीन झा, दिनेश त्यागी, राम बाबू साह, सुमित सिंह, अजय कुमार व अनिल ठाकुर समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

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