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Home बिहार सीतामढ़ी इधर बेटी ब्याहने से कतराते हैं लोग

इधर बेटी ब्याहने से कतराते हैं लोग

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इधर बेटी ब्याहने से कतराते हैं लोग

पुपरी. प्रखंड क्षेत्र की बौरा बाजितपुर व हरदिया पंचायत के मध्य से गुजरने वाली अधवारा समूह की बुढ़नद नदी के किनारे बसे हजारों की आबादी 21 वीं सदी में भी बुनियादी सुविधाओं से दूर है. दोनों पंचायत को जोड़ने वाली गंगापट्टी घाट पर पुल नहीं बनने से लोग चचरी के सहारे सालों भर आवागमन करते हैं. –बरसात में हो जाता है संपर्क भंग खासकर बरसात व बाढ़ के समय जब चचरी बह जाती है. तो दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से भंग हो जाता है. यह दशकों पुरानी पीड़ा पर कई बार जनप्रतिनिधियों द्वारा दिया गया. आश्वासन सिर्फ छलावा ही साबित हुआ है. गौरतलब है कि गंगापट्टी घाट से पड़ोसी तीन जिले के लाखों की आबादी को जोड़ता है. बाढ़ के समय इलाके के लोगों का अनुमंडल व प्रखंड से संपर्क टूट जाता है. जबकि नौ माह चचरी व नाव ही आवागन का एक मात्र सहारा होता है. इस घाट पर पुल का निर्माण नहीं होने से लोगो को मुख्य सड़क पर जाने के लिये करीब 15 किमी दूरी तय करना होता है. पैदल व साइकिल वाले अन्य दिनों में नाव व चचरी होकर किसी तरह पार कर जाते है. मगर बाइक व चारपहिया वाहन केशोपुर पूरा बांध होकर सिंगियाही होकर अनुमंडल मुख्यालय पहुंचते हैं. –उच्च शिक्षा में होती हैं परेशानी पुल बन जाने से गंगापट्टी ही नहीं, पोखरभिड़ा, पूरा, बाजितपुर, बौरा, पड़ोस पंचायत हरदिया के रामपुर, चोरौत प्रखंड के बररी बेहटा, मधुबनी जिले के सिरबारा, मधवापुर, मटिहानी, बाणगंगा समेत दो दर्जन गांवों का पुपरी ही नही दरभंगा, मधुबनी से सीधा संपर्क हो जाएगा. बौरा निवासी गुलाब ठाकुर कहते है कि पुल नही रहने से काफी परेशानी है. बाहर के लोग आवागन की सुविधा नहीं रहने से अपनी बेटी की शादी इस गांव में नही करना चाहते. अनिल कुमार शर्मा बताते है कि उच्च शिक्षा में परेशानी होती है. –पुल बनने से होगा विकास, दूरी होगी कम विजय राय कहते है कि यहां पुल बनने से इलाके का विकास होगा व तीन जिलों की दूरी कम होगी. रमेश ठाकुर ने बताया कि बरसात में रास्ता बंद हो जाता है. इन गांव के लोगों के लिये चार माह नाव या चचरी आवागमन का सहारा है. बोले विधायक इस घाट पर पुल निर्माण की आवश्यकता है. क्षेत्र के लोगों की मांग पर इसके लिए प्रयास जारी रखा है. पुल निर्माण जल्द शुरू हो इसके लिए पटना स्थित संबंधित विभाग के संपर्क में रहकर प्रयास कर रहे हैं. दिलीप राय, जदयू विधायक

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