निजी क्लिनिक/नर्सिंग होम/अल्ट्रासाउंड/जांच घरों को संचालित करने वाले चिकित्सक सरकारी ड्यूटी करने से परहेज करते है. इस सच्चाई को खुद सीएस डॉ प्रसाद ने भी स्वीकार किया है. सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण में नदारद मिले करीब तीन दर्जन चिकित्सकों के मामले में सीएस ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है. संभवत: इसी कारण उन्होंने डुमरा पीएचसी प्रभारी से सदर अस्पताल के उन चिकित्सकों की सूची दो दिनों के अंदर मांगी है, जो जिनका डुमरा प्रखंड के विभिन्न स्थलों पर क्लिनिक/नर्सिंग होम/जांच घर/अल्ट्रासाउंड आदि का संचालन कर रहे है. चिकित्सक के पूर्ण पता के साथ जानकारी मांगी गई है. सीएस डॉ प्रसाद ने बताया कि जिन चिकित्सक को नन प्रैक्टिस भत्ता नहीं मिलता है, वो निजी क्लिनिक संचालित कर सकते है और भत्ता प्राप्त करने वालों पर निजी प्रैक्टिस पर रोक है.
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