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Home बिहार सीतामढ़ी sitamarhi news: आकांक्षी जिला: विभिन्न सूचकांकों में सुधार के लिए लगातार प्रयास

sitamarhi news: आकांक्षी जिला: विभिन्न सूचकांकों में सुधार के लिए लगातार प्रयास

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सीतामढ़ी. डीएम रिची पांडेय के निर्देश पर आकांक्षी जिला के रूप में चयनित सीतामढ़ी के विभिन्न क्षेत्रों में

उत्तरोत्तर विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है. बताया गया है कि भारत सरकार द्वारा गठित नीति आयोग ने स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, मूलभूत ढांचा, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन, इत्यादि क्षेत्रों में पिछड़े देश के 112 जिलों का चयन किया गया था. चयन वर्ष 2018 में ही हुआ था. साथ ही उक्त क्षेत्रों में पिछड़े देश के 500 प्रखंडों का चयन वर्ष 2023 में किया गया था. इसमें बिहार के 13 जिले व 61 प्रखंडों का चयन हुआ था, जिसमें बैरगनिया भी आकांक्षी प्रखंडों में शामिल है.

— विभिन्न विभागों की हर माह समीक्षा

डीएम पाण्डेय ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि आकांक्षी जिला को लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों की हर माह समीक्षा की जाती है. निर्धारित सूचकों में सुधार को लेकर विभागों द्वारा प्रयास किए जा रहे है। बताया कि स्वास्थ्य व आईसीडीएस विभाग के सूचकों में सुधार को शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी को लेकर समय से गर्भवती माताओं का एएनसी निबंधन, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण व संस्थागत प्रसव में निरन्तर वृद्धि, गर्भावस्था के दौरान पूरक पोषाहार की उपलब्धता, 9-11 माह के बच्चे का टीकाकरण, उन्नत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, बच्चियों व गर्भवती महिलाओं की अनेमिया जांच, आवश्यकतानुसार खान-पान की सलाह और उचित दवा की उपलब्धता आदि की दिशा में निरंतर काम किए जा रहे है.

— जिला को मिला है तीन बार अवार्ड

बताया गया है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषक क्षेत्र के सभी बच्चों का स्कूल पूर्व प्रशिक्षण के बाद पांच से छह वर्ष के बच्चों का समीप के स्कूलों में नामांकन समेत अन्य कार्य किए जा रहे है. आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधीकरण और जैविक खेती के लिए पहल की जा रही है. पीएम जन धन योजना के तहत बैंक खातों का विस्तार, बीमा और पेंशन योजनाओं में लोगों की भागीदारी बढ़ी है. नोडल पदाधिकारी संतोष सुमन ने बताया की नीति आयोग द्वारा प्रत्येक माह पूरे देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों के जिले को अवॉर्ड राशि प्रदान की जाती है. पूर्व में जिला को तीन बार अवॉर्ड राशि (कुल 09 करोड़) मिल चुकी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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