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पांच दशक में नहीं बदली सूरत

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पांच दशक में नहीं बदली सूरत

पुपरी. दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड पर अवस्थित जनकपुर रोड व बाजपट्टी रेलवे स्टेशन के बीच स्थित फ्लैग स्टेशन आवापुर में साढ़े पांच दशक बाद भी यात्रियों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है. रेल अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के उदासीनता के कारण क्षतिग्रस्त टिकट घर की मरम्मत भी नहीं कराया जा सका है. एक छोटे से पार्सल रूम में टेबुल पर बैठकर स्टेशन अभिकर्ता यात्री को रेल टिकट उपलब्ध कराने को विवश है. शौचालय क्षतिग्रस्त होने लगा है. वहीं पेयजल आपूर्ति को लेकर स्टेशन पर लगाए गए तीन चापाकल में दो खराब है. प्लेटफाॅर्म पर यात्री को ठहरने के लिए एक भी सेड व्यवस्थित नहीं है. इस फ्लैग स्टेशन पर अब तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है. स्थानीय मो निराले, मो जूही, वसीम, जसीम, द्रोणाभिषेक व राजेश पटेल समेत अन्य ने चिंता व्यक्त करते हुए इसके लिए रेल अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से उक्त फ्लैग स्टेशन को व्यवस्थित कराने की मांग की है. स्टेशन अभिकर्ता सन्नाउल्लाह ने बताया कि 15 जुलाई 1970 को आवापुर में रेलवे हॉल्ट बना था. तत्कालीन सांसद नवल किशोर राय के प्रयास से 14 अप्रैल 1995 को आवापुर को फ्लैग स्टेशन का दर्जा प्राप्त हुआ, पर यहां उपलब्ध सुविधाएं पांच दशक पूर्व वाली हीं है. स्टेशन को विकसित करने को लेकर कई बार डीआरएम, डीसीएम समस्तीपुर व डीई दरभंगा को कई बार पत्र लिखा गया, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

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