सड़कें बनीं लेकिन नहीं बनी जल निकासी व्यवस्था, सीतामढ़ी के शहर से गांव तक लोग परेशान
Sitamarhi Road Construction: सड़कें बनीं लेकिन नहीं बनी जल निकासी व्यवस्था, सीतामढ़ी के शहर से गांव तक लोग परेशान
सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
Sitamarhi Road Construction: सीतामढ़ी जिले में हर वर्ष सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से इन सड़कों का उद्देश्य अधूरा रह जा रहा है. शहर से लेकर गांव तक कई जगह नई सड़कें तो बन गईं, लेकिन नाला निर्माण और सड़क की वैज्ञानिक लेवलिंग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया. नतीजा यह है कि बारिश के साथ-साथ सामान्य दिनों में भी सड़कों पर पानी जमा रहता है और लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नई सड़कें पुरानी सड़क से ऊंची बना दी गई हैं. इससे पहले से मौजूद जल निकासी के रास्ते बंद हो गए और घरों का गंदा पानी सीधे सड़क पर जमा होने लगा. लगातार जलजमाव के कारण सड़कें भी समय से पहले क्षतिग्रस्त होने लगी हैं.
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सड़क बनी, लेकिन पानी निकलने का रास्ता बंद
स्थानीय लोगों के अनुसार कई मोहल्लों और गांवों में अब पानी की निकासी का कोई स्थायी रास्ता नहीं बचा है. घरों के सामने हमेशा पानी जमा रहता है. इससे पैदल चलना मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है.
बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है. कई इलाकों में सड़क और नाले का अंतर ही खत्म हो जाता है.
इन इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी
शहर के पुनौरा धाम रोड, रीगा रोड, भवदेवपुर रोड, मधुबन, चकमहिला, बसवरिया, लक्ष्मीनगर, औद्योगिक क्षेत्र और शांतिनगर समेत कई इलाकों में जलजमाव की समस्या बनी हुई है.
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बथनाहा गोट, माधोपुर, कोआरी, खैरवी, दोस्तपुर, बखरी, मझौलिया और भगवानपुर सहित कई गांवों के लोग भी जल निकासी नहीं होने से परेशान हैं.
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लोगों ने क्या कहा
स्थानीय निवासी रामप्रवेश यादव का कहना है कि सड़क बनने से लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन नाला नहीं बनने से घरों का पानी सड़क पर ही जमा रहता है.
विनोद सिंह का कहना है कि सड़क निर्माण के साथ नाला और सही लेवलिंग भी जरूरी है, अन्यथा सरकारी धन का पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाता.
रामपुकार ठाकुर ने कहा कि लगातार जलजमाव से सड़कें कुछ ही वर्षों में टूटने लगती हैं और फिर उनकी मरम्मत पर दोबारा सरकारी धन खर्च करना पड़ता है.
सरोज सिंह का कहना है कि सड़क निर्माण की योजना बनाते समय स्थानीय भौगोलिक स्थिति और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, तभी सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रह सकेंगी.
लोगों ने उठाई यह मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि भविष्य में सड़क निर्माण के साथ वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी की व्यवस्था अनिवार्य की जाए. जिन क्षेत्रों में पहले से जलजमाव की समस्या बनी हुई है, वहां नाला निर्माण और आवश्यक सुधार कार्य जल्द शुरू किए जाएं.
लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण तभी सफल माना जाएगा, जब उसके साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित हो और आम लोगों को बिना परेशानी आवागमन की सुविधा मिल सके.
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