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Home Badi Khabar Bihar: सावन में ‘बम-बम’ होगा बाजार, शिव भक्त रंगे गेरुआ रंग में, ग्रीन साड़ियों की बढ़ी मांग

Bihar: सावन में ‘बम-बम’ होगा बाजार, शिव भक्त रंगे गेरुआ रंग में, ग्रीन साड़ियों की बढ़ी मांग

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Bihar: सावन में ‘बम-बम’ होगा बाजार, शिव भक्त रंगे गेरुआ रंग में, ग्रीन साड़ियों की बढ़ी मांग

आज से सावन का पावन महीना शुरू हो रहा है. दो साल के बाद शिव भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. राजधानी पटना के मार्केट में कपड़े से लेकर सजावट के सामान की दुकानें सज गयी हैं. लेकिन महंगाई का असर भी बाजार में दिख रहा है. आलम यह है कि बाजार में शिव भक्तों की संख्या पहले के मुकाबले अभी कम दिख रही है. फिर भी कारोबारियों को इस वर्ष अच्छे कारोबार की उम्मीद है. उनका कहना है कि शिव की कृपा पर ही हमारा कारोबार टिका है. हालांकि, इस बार स्थितियां काफी हद तक सामान्य हैं, लिहाजा भक्तों में एक बार फिर से कांवर लेकर बाबा धाम जाने का जुनून जग गया है. बाजार में कांवरियों के लिए त्रिशूल, गेरुआ वस्त्र, टी शर्ट और सिर पर बांधने के लिए भगवान शंकर की छपे फोटो वाला साफी बाजार में दिखने लगा है.

 बाजार में लौटी रौनक 

गत दो साल से कोविड संक्रमण के चलते बाजार मंदी के दौर से गुजर रहा था. इस साल संक्रमण दर काफी हद तक कम होने, तमाम पाबंदियों में छूट मिलने और मौसम ठीक होने के चलते बाजार में रौनक रहने की उम्मीद है. व्यापारियों का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा, तो इस बार सावन में बाजार में रौनक लौटेगी. महिलाएं भी सावन में सोमवारी व्रत को लेकर अभी से खरीददारी में जुट गयी हैं. सजने संवरने के सामानों से लेकर कपड़े आदि की खरीदारी शुरू हो चुकी है. वहीं कांवरयात्रा को लेकर कांवरियां भी तैयारी में जुट गये हैं. शहर के कई शिवालयों की सफाई के साथ ही रंग रोगन का काम शुरू हो गया है. दुकानदारों की माने तो इस सावन में मौसम अच्छा रहने की उम्मीद है. शहर में कोविड संक्रमण का खतरा पहले से काफी कम है. हालांकि सावधानी के साथ त्योहार को मनाना होगा.

गेरुआ वस्त्रों की खूब
हो रही खरीदार

बाबा धाम गेरुआ वस्त्र पहन कर ही जाया जाता है. गेरुआ वस्त्र का अपना महत्व होता है, लिहाजा गेरुआ वस्त्रों की भी खरीदारी शुरू हो चुकी है. दुकानदारों का कहना है कि हालांकि इस बार महंगाई बढ़ने के कारण कपड़ों की कीमत में इजाफा हुआ है. बाजार में कांवरियों के लिए शिव और त्रिशूल बने टी शर्ट और सिर पर बांधने के लिए भगवान शंकर की छपी फोटो वाला पटना बाजार में पहुंच गया. इसे युवा शिव भक्त काफी पसंद कर रहे हैं. वहीं महिलाओं के लिए कॉटन और सिंथेटिक साड़ी, स्ट्रेट पैंट, पटियाला, कुर्ती केसरिया और हरे रंगों में उपलब्ध है.

ग्रीन साड़ियों की बढ़ी मांग 

न्यू मार्केट के राज कुमार ने बताया कि सावन के बाजार में महंगाई और कोरोना के बढ़ते मामले का असर कारोबार पर दिख रहा है. कोरोना के पहले बोलबम का बाजार पूर्णिमा से दस दिन पहले शुरू हो जाता था. लेकिन इस बार ग्राहक उम्मीद से अभी कम खरीदारी करने आ रहे हैं. फिर भी उम्मीद है कि कुछ दिनों के बाद बाजार संभल जायेगा और कारोबार अच्छा रहेगा. वहीं खेतान मार्केट के रणजीत सिंह कीमानें तो दो साल बाद बाबा का द्वार खुलाहै. लोग कम बजट में साड़ी या सूट खरीद रहे हैं. हालांकि बाजार में केसरिया रंग के अलावा हरे रंग की साड़ियों की मांग है. ये साड़ी तीन सौ रुपये से लेकर 600 रुपये तक के रेंज में उपलब्ध है.

मन्नतें हुईं पूरी, जाना है बाबाधाम

कांवर लेकर पहली बार बाबाधामजाना हैं. परिवार से आठ लोगों केसाथ सुल्तानगंज से पैदल कांवर लेकर जायेंगे इसलिए मैं अभी कांवर खरीदने बाजार आया हूं. बाबा ने मेरी मन्नत पूरी की है. इसके कारण बैद्यनाथधाम के प्रति आस्था और विश्वास बढ़ा है ये कहना है अनिसाबाद के अजय कुमार का .पटना के रहने वाले कुंदन कुमार ने कहा की मैं छठी बार बाबा नगरी जाने की तैयारी कर रहा हं. महंगाई केकारण पहले की तुलना में कम बजट में कांवर और वस्त्र खरीदा है. कोरोना के तीन साल बाद कांवर लेकर पहली या दूसरी सोमवारी को जाऊंगा.

प्लास्टिक प्रतिबंध का असर

प्लास्टिक प्रतिबंध का असर न्यू मार्केट केविनोद कुमार ने बताया किकांवर के बाजार में प्लास्टिक पर प्रतिबंध का साफ असर दिख रहा है. बाजार में इस वक्त रेडीमेड कांवर की कीमत 500 रुपये है.लेकिन पीतल वाला कांवड 2000 रुपये से शुरू होता है. कुछ ऐसे शिव भक्त भी है जो 20 हजार रुपये तक का कांवर तैयार करवाते है.

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कीमत एक नजर में

  • कीमत एक नजर मे

  • बंडी ~ 150-250

  • वाटर प्रूफ झोला ~ 200-300

  • अगरदान ~ 30-200

  • घंटी ~ 30-150

  • शिव लिंग ~ 125-600

  • त्रिशूल ~ 100 -250

  • बांस का फट्टी ~ 125 – 250

  • गंजी ~ 60 -100

  • हॉफ पैंट ~ 100 -300

  • टी शर्ट ~ 125 -250

  • स्ट्रेट पैंट ~ 200- 300

  • पटियाला सूट ~ 500- 800

  • कुर्ती ~ 400-600

  • कॉटन साड़ी ~ 300 – 800

  • सिंथेटिक साड़ी ~ 250-70

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