शेखपुरा जिला के शेखोपुरसराय प्रखंड से चतुरानन्द मिश्रा की रिपोर्ट
Sheikhpura News: भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार की शाम सामाजिक युवाओं द्वारा एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया. यह कैंडल मार्च नगर पंचायत शेखोपुरसराय के महेश स्थान चौक से शुरू होकर मुख्य बाजार के विभिन्न रास्तों से होते हुए स्थानीय थाना परिसर के समीप तक गया. मार्च का मुख्य उद्देश्य भरत भूषण तिवारी की संदेहास्पद मौत के मामले को जन-जन तक पहुंचाना और पीड़ित परिवार के लिए इंसाफ की आवाज बुलंद करना था. कैंडल मार्च में शामिल युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्वक मार्च किया.
सभी पहलुओं से गहन जांच करने की उठी मांग
मार्च के दौरान अपनी बात रखते हुए प्रतिभागी युवाओं ने स्थानीय प्रशासन और वरीय अधिकारियों से इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. युवाओं ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले की सभी संभावित पहलुओं से गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि घटना के पीछे छिपी असली सच्चाई सबके सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि जब तक मामले की पारदर्शी जांच नहीं होगी, तब तक पीड़ित परिवार को असली न्याय नहीं मिल पाएगा, इसलिए पुलिस को बिना किसी दबाव के काम करना होगा.
वंचितों की आवाज उठाने वालों को मिले सुरक्षा
कैंडल मार्च में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि समाज के कमजोर, शोषित और वंचित वर्गों की समस्याओं को निडरता से उठाने वाले जागरूक लोगों को तंत्र द्वारा पर्याप्त संरक्षण नहीं मिल पाता है. उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा गरीबों और विस्थापितों के कल्याण के लिए अनेक महत्वकांक्षी योजनाएं संचालित की जाती हैं, लेकिन प्रशासनिक ढिलाई के कारण कई बार इनका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाता है. युवाओं ने कहा कि ऐसे जनहित के मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
कानून के राज पर भरोसा बनाए रखने की अपील
मार्च के समापन पर वक्ताओं ने पुरजोर मांग की कि किसी भी गंभीर कार्रवाई से पूर्व संबंधित व्यक्ति की सामाजिक पृष्ठभूमि, परिस्थितियों तथा पूरे घटनाक्रम की बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया और कानून के शासन पर आम लोगों का अटूट विश्वास बना रहे. उन्होंने कहा कि कानून का राज और पारदर्शी जांच व्यवस्था ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. यह कैंडल मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा.
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