तिलौथू. प्रखंड क्षेत्र स्थित कैमूर पहाड़ी की तराई में बसे दर्जनों गांवों में जैसे-जैसे तपिश बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे जलस्तर खिसक रहा है और लोगों के समक्ष पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है. गौरतलब है कि तिलौथू प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत कैमूर पहाड़ी की तराई में दर्जनों गांव ऐसे हैं, जिनका गर्मी के दिनों में जलस्तर खिसक जाता है और उन गांवों में पेयजल की संकट गहरा जाती है. प्रखंड के निमियाडीह, राजी रामडीहरा, मिर्जापुर, कैथी, चंदनपुरा, सोनपुरा, रेड़िया , भींसडा, बरवाडीह, सुपासराय, रामडीहरा, रूपहंथा, चितौली आदि. ये सभी गांव एकदम कैमूर पहाड़ी की तलहटी में बसे हुए हैं और बढ़ती तपिश में इन गांवों में जलस्तर के खिसकने से लोगों के समक्ष पेयजल की समस्या गहरा जाती है. ऐसे में पीएचइडी कई गांवों में हाथी मुंडा चापाकल भी लगाया है. कभी-कभी यह चापाकल भी टंग जाते हैं. जिस कारण पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है. इस परिस्थिति में पहाड़ की तराई में बसे गांवों के लोगों को मैदानी क्षेत्र में आकर पीने के लिए पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है.