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लोक सुनवाई में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों ने रखीं अपनी बातें

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लोक सुनवाई में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों ने रखीं अपनी बातें

नासरीगंज. प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरजीएफ भवन में एडीएम चंद्रशेखर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मेसर्स प्रगति इंडियन रोड लाइंस के प्रोपराइटर अमरेंद्रा सिंह ठाकुर द्वारा सोन नदी स्थित सैंड ब्लॉक थ्री ए बालू घाट मौजा पोखरहा, जमालपुर और नासरीगंज की बालू खनन परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए बिहार प्रदूषण बोर्ड के पदाधिकारी की उपस्थिति में लोक सुनवाई का आयोजन हुआ. इस अवसर पर ग्रामीण भी उपस्थित रहे. इनसे बारी बारी से पूछा गया कि इन बालू घाटों के खुलने से कोई आपत्ति हो, तो बताएं. इस पर ग्रामीणों ने कहा कि घाट के रास्ते व सड़कों पर धूल गर्दा नहीं उड़ना चाहिए. समय-समय पर घाट के रास्ते व सड़क पर पानी का छिड़काव होना चाहिए, ताकि सड़कों पर धूल न उड़ सके. गांव के तट से दो-तीन किलोमीटर की दूरी पर बालू का खनन होना चाहिए, ताकि गांव का सोन नदी तट क्षतिग्रस्त नही होना चाहिए. सड़क के किनारे बालू न गिराएं, ताकि कोई दुर्घटना न हो सके. अधिक से अधिक स्थानीय ग्रामीण लोग को ही उक्त घाट में मजदूर के रूप में रोजगार उपलब्ध कराने की अपनी बात रखी. इस पर एडीएम ने बालू संवेदकों को निर्देश देते हुए कहा कि निश्चित तौर पर ग्रामीणों के हित का ध्यान रखा जाये और उक्त परियोजना में किसी भी हाल में ग्रामीणों को ही रोजगार मिले. उन्होंने बताया कि डीएम के निर्देश पर प्रखंड के पोखरहा, जमालपुर और नासरीगंज बालू घाट की पर्यावरण स्वीकृति के लिए लोक सुनवाई की गयी है. सुनवाई की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को दी जायेगी. इसके बाद निर्णय आ पायेगा. एडीएम ने कहा कि घाट के रास्ते पर पानी का छिड़काव समय समय पर होना चाहिए. बालू की ढुलाई त्रिपाल से ढक कर करनी होगी. ओवरलोड बालू का परिचालन किसी भी कीमत पर नही होना चाहिए. गांव के ही श्रमिक काम करेंगे. बाहरी मजदूर काम नही करेंगे. पर्यावरण के दृष्टिकोण से अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाये जायेंगे. घाट पर मेडिकल किट भी रखना होगा. घाट का सीओ के द्वारा मॉनीटरिंग की जायेगी. जिले में रिपोर्ट भेजी जायेगी, जिसके आधार पर जिलास्तर पर कार्रवाई की जायेगी. सभी नियमों का पालन कठोरता से करने की बात एडीएम ने प्रोपराइटर समेत उपस्थित सभी लोगों से कही. अन्यथा शिकायत मिलने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे. पर्यावरणीय सलाहकार रासिफ अफताब ने बताया कि बालू संवेदक को पर्यावरण अधिनियम का पालन करना होगा. घाटों के आसपास अधिक से अधिक छायादार व फलदार पेड़ लगाये जायेंगें और उसकी देखभाल भी करनी है. ऐसा नही करने पर कार्रवाई की जायेगी. मौके पर सीओ अंचला कुमारी, प्रदीप कुमार, खनन निरीक्षक डॉ उस्मान आरिफ चौधरी, प्रदूषण नियंत्रण पार्षद के क्षेत्रीय पदाधिकारी आशीष कुमार गुप्ता, सोनू सिंह, धीरज सिंह यादव, मनोज कुमार,एकराम अली समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे.

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