[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सासाराम मुहर्रम का चांद दिखा, 6 जुलाई को मनेगा आशूरा

मुहर्रम का चांद दिखा, 6 जुलाई को मनेगा आशूरा

0
मुहर्रम का चांद दिखा, 6 जुलाई को मनेगा आशूरा
सांकेतिक तस्वीर

दारुल उलूम खैरिया निजामिया ने की पुष्टि

सासाराम समेत आसपास के इलाकों में तैयारी शुरू

इमाम हुसैन की कुर्बानी की याद में मनाया जायेगा यौमे आशूरा

सासाराम ऑफिस.

मुहर्रम का चांद गुरुवार को दिख गया है. इस संबंध में दारुल उलूम खैरिया निजामिया ने एक पत्र जारी किया है. जिसमें बताया गया कि गुरुवार 26 जून 2025 को आसमान में बादल छाए रहने के कारण सासाराम में चांद नहीं देखा जा सका, लेकिन, इसके कुछ अन्य क्षेत्रों में चांद के सामान्य दृश्य देखे गये. वहां से शरीय गवाही प्राप्त होने के बाद शुक्रवार 27 जून को हिजरी साल 1447 की पहली तारीख घोषित कर दी गयी है. इसी के आधार पर मुहर्रम की 10वीं तारीख यानी यौमे आशूरा रविवार 6 जुलाई को मनाया जायेगा. पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह घोषणा सासाराम और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए मान्य है. अन्य स्थानों के लोग स्थानीय सुन्नी विद्वानों से संपर्क कर स्थानीय चांद की स्थिति की जानकारी लें. गौरतलब है कि मुहर्रम इस्लामी हिजरी कैलेंडर का पहला महीना है और इसे इस्लाम धर्म में विशेष पवित्रता प्राप्त है. इस महीने का पहला दिन इस्लामी नववर्ष के रूप में मनाया जाता है. वहीं, 10वीं तारीख को आने वाला यौमे आशूरा ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होता है. जानकारों ने बताया कि यह दिन हजरत सय्यिदुना इमाम हुसैन रदियल्लाहु तआला अन्ह के शहादत की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने कर्बला के मैदान में अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए अपने परिवार के साथ बलिदान दिया था. इस दिन को लेकर मुस्लिम समाज में भावनात्मक श्रद्धा और धार्मिक जागरूकता दोनों ही चरम पर होती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel