[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सासाराम अमीन जाकर गांवों में पूछ रहे खेत, तो बटाईदार बता रहे हैं मेरी है जमीन

अमीन जाकर गांवों में पूछ रहे खेत, तो बटाईदार बता रहे हैं मेरी है जमीन

0
अमीन जाकर गांवों में पूछ रहे खेत, तो बटाईदार बता रहे हैं मेरी है जमीन

सासाराम नगर. जिले में जमीन सर्वे (भू-सर्वेक्षण) का कार्य तेजी से चल रहा है. सर्वे अमीन गांव-गांव घूमकर सर्वे को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं. करीब 56 वर्षों बाद हो रहे सर्वे में अपनी जमीन की सही मापी देने का इंतजार रैयत अपने गांवों में कर रहे हैं. हालांकि, कई रैयत ऐसे भी हैं, जो अपनी जमीन बटाई पर देकर बाहर रहते हैं. उनकी जमीनों की देखभाल इन्हीं बटाईदारों के जिम्मे रहती है, जो वर्ष में एकबार खेतों के लिए तय रुपये या फसल असली जमीन मालिक के पास पहुंचाते हैं. इन्हीं जमीन मालिकों को सबसे अधिक सर्वे की चिंता सता रही है. इन्हें डर है कि कहीं हमारे उपस्थिति में हमारी जमीनों पर बटाई की खेती करनेवाले लोग अपना न बताकर कुछ गड़बड़ कर दें. शिवसागर, सासाराम, करगहर, चेनारी सहित जिले के 19 प्रखंडों में अमूमन यहीं स्थिति बनी हुई है. करगहर के रहनेवाले राकेश कुमार ने बताया कि हमारे घर के सभी परिवार बाहर में नौकरी करते हैं. गांव पर कोई नहीं रहता है. कभी-कभी आना होता है. ऐसे में मेरे गांव में सर्वे अमीन कब पहुंचेंगे? इसकी जानकारी नहीं है. इस संबंध में अंचलाधिकारी से भी बात की गयी, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध मुझे कोई जानकारी नहीं है. यहीं बात सासाराम अंचलाधिकारी से पूछी गयी, तो उन्होंने बताया कि हमारे यहां कुछ सर्वे अमीन की उपस्थिति दर्ज होती है. लेकिन, उनके कार्य और शेड्यूल की पूरी जानकारी सर्वे कार्यालय से प्राप्त होगी.

सर्वे अमीन को मिली थी जान से मारने की धमकी

चार जनवरी को सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोबिना गांव में भू सर्वेक्षण को लेकर सर्वे अमीन पहुंचे थे. उसी दौरान कुछ लोग उनको घेर गोली मारने की धमकी देने लगते हैं. इसकी वीडियो एक व्यक्ति बना लेता है. इस वीडियो के आधार पर पुलिस के पास आवेदन दिया गया, जिसपर कार्रवाई हो रही है. लेकिन, कई गांवों में फर्जी अमीन भी पहुंचने की शिकायतें मिली हैं. लेकिन, अबतक एफआइआर नहीं हुई है. खुद को सर्वे अमीन बताकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं. इसके लिए जिला प्रशासन फिलहाल कोई जागरूकता अभियान नहीं चला रहा है. हालांकि इसमें सरकार का निर्देश है कि ऐसी कोई भी गतिविधि पायी जाती है, तो संबंधित व्यक्ति सीओ और पंचायत प्रतिनिधि से अमीन की पहचान की पुष्टि करे. इसके अलावा अगर अमीन आपके दरवाजे पर पहुंच रहे हैं, तो भूमि से संबंधित दस्तावेज खतियान, वंशावली, रसीद, और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार रखें.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel