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आग की लपटों में समाहित हो गया तिलक में मिला उपहार

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आग की लपटों में समाहित हो गया तिलक में मिला उपहार

कोचस. अगरसीडिहरा पंचायत के मिश्रवलियां गांव में शनिवार की शाम डंठल जलाने के दौरान निकली चिंगारी से एक गरीब परिवार का सारा अरमान आग की लपटों में समाहित हो गया. इससे फूसनुमा अर्धनिर्मित मकान में रखा 40 हजार रुपये नकद और खाने-पीने की सामग्री समेत तिलक में मिला सारा उपहार जलकर भस्म हो गयी. पीड़ित जनार्दन सिंह तांतो ने बताया कि शुक्रवार को उनके बेटे कन्हैया कुमार का तिलक आया था. रात भर जगे रहने की वजह से परिवार के सभी सदस्य विश्राम कर रहे थे. इस बीच, गांव के बधार में गेहूं के डंठल से निकली चिंगारी अचानक फूसनुमा मकान पर आ गिरी. इससे तिरपाल व पुआल से बना घर धू-धूकर जलने लगी. आग की तेज लपटें देख परिवार के अन्य सदस्य कुछ समझ पाते, तब-तक इस अर्द्धनिर्मित मकान में रखे गेहूं, चावल, कपड़े, बर्तन व तिलक में उपहार स्वरूप मिला सारा सामान जलकर खाक हो गया. आसपास के लोगों की कड़ी मशक्कत के घंटों बाद आग पर काबू पाया गया. पीड़ित ने बताया कि इस परिवार पर ईश्वर की ऐसी कुदृष्टि हुई कि घर में एक फूटी कौड़ी भी नहीं बचा है. इधर, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 अप्रैल को बेटा के बारात सजाने की चिंता अब सताने लगी है. पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति देख सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आर्थिक सहयोग कर अब बेटे का सेहरा सजाने की तैयारी करा रहे हैं.

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