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Home बिहार सासाराम शहर में अब नहीं दिखाई देंगे रूमाली टोपी वाले समाजसेवी दशरथ दूबे

शहर में अब नहीं दिखाई देंगे रूमाली टोपी वाले समाजसेवी दशरथ दूबे

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शहर में अब नहीं दिखाई देंगे रूमाली टोपी वाले समाजसेवी दशरथ दूबे

सासाराम कार्यालय. पैर में उजला चप्पल-जूता. झक्क उजला पजामा-कुर्ता. सिर पर रूमाली टोपी वाले कांग्रेसी नेता, समाजसेवी सह पत्रकार दशरथ दूबे अब शहर में दिखाई नहीं देंगे. 85 वर्ष के वयोवृद्ध दशरथ दूबे मंगलवार को शहर के कंपनीसराय मुहल्ला स्थित अपने भतीजे विजय दूबे के घर में अंतिम सांस ली. मूलत: तेतरी गांव (वर्तमान में सासाराम शहर का वार्ड नंबर दो) के निवासी दूबे जी द हिंदू के अलावे कई पत्र-पत्रिकाओं में काम कर चुके थे. कांग्रेस के महासचिव के पद पर रहे दूबे जी की शादी हुई थी या नहीं. इसकी जानकारी नहीं है, पर उनकी कोई पत्नी और बेटा-बेटी नहीं था. वे अकेले विभिन्न घरों में किराये के कमरों में रह कर जीवन गुजारते रहे थे. अंतिम समय में अपने भतीजे विजय दूबे के घर रहे थे. उनकी मृत्यु के संदर्भ में विजय दूबे ने बताया कि सोमवार की रात वे अच्छे से खा-पीकर सोये थे. सुबह में देर तक नहीं जगे, तो उनका दरवाजा खोला गया, तो वे पलंग पर ही मृत पाए गए. उन्होंने बताया कि चाचा का अंतिम संस्कार वाराणसी में किया जायेगा.

भिक्षाटन कर बनाया था नेहरू पार्क

शहर के मध्य स्थित नेहरू पार्क के लिए दूबे जी रेलवे से सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़े थे. जीत मिलने के बाद पार्क निर्माण के लिए सांसद, विधायक व मंत्रियों से योजना लेने के साथ शहर के प्रबुद्धजनों के बीच भिक्षाटन कर पेड़-पौधे लगाते थे. दो दशक तक प्रत्येक पहली जनवरी को पार्क में आने वाले सभी के लिए टॉफी बांटना उनका शगल था.

अजमेर शरीफ के परम भक्त थे दूबे जी

ख्वाजा अजमेरी चिश्ती संजरी रहमतुल्लाह अलैह के परम भक्त दशरथ दूबे थे. प्रत्येक वर्ष ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स के अवसर पर वे अजमेर की यात्रा करते थे. शहर में वे धर्मनिरपेक्षता की मिसाल थे. सिर पर रुमाली टोपी और हाथ में कलावा बांधते थे. दोनों धर्म के लोग उन्हें प्यार से मौलाना दशरथ दूबे कहते थे. उनके निधन पर अधिवक्ता कृष्ण चंद्र, सीए सुनील चमड़िया, व्यवसायी गिरीश चंद्र, अभिषेक रूंगटा, अधिवक्ता कमल बहादुर, अश्विनी कुमार चंदन, सरदार मानिक सिंह, पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद, पूर्व विधायक राजेश कुमार, कांग्रेस नेता मनोज कुमार सिंह, राधा प्रसाद सिंह आदि ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है.

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