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Home बिहार सासाराम Sasaram News : समान कार्य व समान वेतन की मांग को लेकर एबीआर कॉलेज के शिक्षक व कर्मचारियों ने किया विरोध मार्च

Sasaram News : समान कार्य व समान वेतन की मांग को लेकर एबीआर कॉलेज के शिक्षक व कर्मचारियों ने किया विरोध मार्च

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Sasaram News : समान कार्य व समान वेतन की मांग को लेकर एबीआर कॉलेज के शिक्षक व कर्मचारियों ने किया विरोध मार्च

सासाराम ऑफिस. बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के आह्वान पर अवधूत भगवान राम महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों ने मंगलवार को विरोध मार्च किया. विरोध मार्च को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार सिंह ने कहा कि कहा कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 में संशोधन करके बिहार कॉलेज सेवा आयोग की जगह नयी संस्था चयन समिति का प्रावधान किया गया है. इसके तहत संबद्ध डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य व शिक्षकों की नियुक्ति यूजीसी मानक के अनुरूप चयन समिति से की जा रही है. परंतु, राज्य सरकार द्वारा यूजीसी मानक के अनुरूप पदनाम व प्रतिमाह वेतन संरचना निर्धारित कर मासिक वेतन का भुगतान नहीं किये जाने से शिक्षकों के समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गयी है. मांगों और विरोध में महासंघ के आह्वान पर कॉलेज के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी आगामी 27 मार्च को पटना में सामूहिक उपवास/ काला दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे. एकमुश्त राशि शिक्षाकर्मियों के बैंक खाते में भुगतान करने की मांग: कॉलेज के शिक्षक प्रतिनिधि अनिल कुमार सिंह ने कहा कि वेतन संरचना निर्धारित करते हुए प्रतिमाह वेतन भुगतान, लंबित अनुदान राशि का बजटीय उपबंध सुनिश्चित कर एकमुश्त राशि शिक्षाकर्मियों के बैंक खाते में भुगतान किया जाए. कॉलेज के बर्सर सह मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर बबन सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई के मद्देनजर 2008 में निर्धारित राशि को बढ़ाकर स्नातक प्रथम, द्वितीय व तृतीय खण्ड में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की वास्तविक संख्या के गणना के आधार पर प्रत्येक खंड के लिए मिलने वाली राशि में तीन गुना वृद्धि करनी चाहिए. इतिहास विभाग के सहायक प्रो नंद गोपाल सिंह ने कहा कि 2008 के संकल्प का अनुपालन करते हुए परीक्षा परिणाम आधारित वेतनमान सहायक अनुदान राशि स्नातक खंड के लिए डेढ़ करोड़ रुपये और इंटर खंड के लिए 50 लाख रुपये की अधिकतम सीमा के बंधेज को समाप्त करने की मांग की. उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल बंद हो: डॉ रेनू बाला ने कहा कि उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल बंद होना चाहिए. समाजशास्त्र विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ देवमुनि कुमारी ने कहा कि संबद्ध डिग्री कॉलेजों में कार्यरत लगभग 25 हजार शिक्षाकर्मियों का शैक्षणिक सत्र 2014-17 से शैक्षणिक सत्र 2021-24 तक कुल आठ सत्र का परीक्षा परिणाम आधारित वेतनमद सहायक अनुदान राशि राज्य सरकार के संकल्प 2008 के आधार पर सरकार के पास बकाया है. महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जंतु विज्ञान विभाग के सहायक प्रो डॉ सुनील कुमार ने कहा कि लगभग 70 प्रतिशत शिक्षार्थियों की जिम्मेदारी निभाने वाले शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के साथ राज्य सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बरती जा रही. सौतेले व्यवहार से शिक्षाकर्मी आक्रोशित और आंदोलित हैं. भौतिक विज्ञान विभाग के प्रयोगशाला सहायक ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि बिहार देश का इकलौता ऐसा राज्य है, जहां राज्य सरकार और विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय से अपने नियम कानून का पालन कराती है. परंतु मासिक वेतन के नाम पर कॉलेज के आंतरिक स्रोत तथा छात्रों के वार्षिक परीक्षाफल के आधार पर मिलने वाली लंबित अनुदान राशि पर कर्मचारियों के समक्ष भरण पोषण की समस्या उत्पन्न कर दिया है. संत शिवानंद कॉलेज के रामसूरत सिंह ने कहा कि अनुदान के बदले वेतन संरचना निर्धारित किया जाए. अनूप कुमार पांडेय ने कहा कि कॉलेजों में कार्यरत शासी निकाय या चयन समिति से चयनित सभी शिक्षक -कर्मचारियों को मिलना चाहिए. डॉ किरण कुमारी ने कहा की 2007 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा संपुष्टि की जाए तथा अनुदान की राशि वितरित की जाए.

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