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Home बिहार सासाराम किसानों को खेती को व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत : प्रो आरके सिंह

किसानों को खेती को व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत : प्रो आरके सिंह

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किसानों को खेती को व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत : प्रो आरके सिंह

सासाराम ग्रामीण. गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू) के अंतर्गत संचालित नारायण कृषि विज्ञान संस्थान द्वारा शुक्रवार को विशाल किसान मेले का आयोजन हुआ. किसान मेले में रोहतास और औरंगाबाद जिले के साथ ही अन्य जिले से करीब सात सौ महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया. किसान मेले के मुख्य अतिथि नेफोर्ड, राज्य कृषि सलाहकार समिति के सदस्य, पूर्व आइआरआरआइ प्रतिनिधि, पूर्व सचिव सह उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी, नयी दिल्ली प्रो आरके सिंह रहे. प्रो सिंह ने कहा कि किसानों के बेहतर भविष्य के लिए किसानों को खेती के व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है. जिसमें नवाचारों व नवीन तकनीकों का समावेश जरूरी है. विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक खेती समय की मांग है. बिना वैज्ञानिक पद्धतियों के अपनाये किसानों की आय और संपन्नता को बढ़ाना एक बड़ी चुनौती है. विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष प्रो हरिकेश सिंह ने कहा कि खेती को सम्मान की दृष्टि से देखने की आवश्यकता है. बिना संपन्न किसान के समाज भी संपन्न नहीं हो सकता. इसके लिए किसानों को देश के विभिन्न किसानों द्वारा अपने गई तकनीकों को समझना और अपनाना होगा. किसानों को धान गेहूं के पारंपरिक खेती के साथ ही विभिन्न प्रकार के सब्जियों, फूलों, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन इत्यादि पर भी ध्यान देना होगा. देव मंगल मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव गोविंद नारायण सिंह ने कहा कि कृषि उद्यमिता एवं उद्यमिता में विविधता कृषि को स्थायी और लाभप्रद बना सकती है.

प्रदर्शनी में स्टार्टअप व उपकरणों का प्रदर्शन

किसान मेले में प्रदर्शनी भी आयोजित की गयी. इसमें कृषि स्टार्टअप, आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन, विभिन्न फसलों के माध्यम से किसानों में आय वृद्धि करने के लिए तकनीकी जानकारी, बीज, उर्वरक व कीटनाशक उत्पाद प्रदर्शन तथा सरकारी बैंकों का कृषि निवेश पर संप्रेषण के साथ ही विभिन्न सरकारी संस्थाओं द्वारा चलाई जा रही कृषि संबंधित जानकारी किसान मेले में आये लोगों को उपलब्ध करायी गयी. मेले में अपने क्षेत्र के नवाचार में प्रसिद्ध कई नामी कंपनियों के स्टॉल लगे जो किसानों को नवीन तकनीकों की जानकारी का स्रोत थी. किसान मेले में विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया एवं अपने नवीन विचारों को विभिन्न मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शित किया. किसान मेला में किसानों ने विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों से संवाद भी किया. इसके उपरांत किसानों ने नारायण कृषि विधान संस्थान के विभिन्न विभागों द्वारा नई एवं वैज्ञानिक विधियों से किए जाने वाले प्रयासों को खेतों पर प्रदर्शित किया. इस किसान मेला आयोजन में कार्य संचालक के रूप में वरिष्ठ शिक्षक प्रो अशोक कुमार, प्रो. धर्मराज सिंह, प्रो. एच के सिंह आदि मौजूद थे.

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