[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार सासाराम सासाराम में भूमि मापी: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 1000 रुपये और शहरी में 2000 रुपये शुल्क निर्धारित

सासाराम में भूमि मापी: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 1000 रुपये और शहरी में 2000 रुपये शुल्क निर्धारित

0
सासाराम में भूमि मापी: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 1000 रुपये और शहरी में 2000 रुपये शुल्क निर्धारित
जमीन मापी का सांकेतिक फोटो.

Sasaram News : रैयती जमीन की मापी शुल्क में बढ़ोतरी के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन मापी एवं तत्काल सेवा शुल्क की नई दरों की घोषणा कर दी है. नई व्यवस्था पूरे बिहार में लागू कर दी गई है. विभाग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए हैं.

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, राज्य के भू-धारकों और रैयतों को भूमि संबंधी सेवाएं सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से राज्य में रैयती भूमि अथवा भू-खंड की मापी की कार्रवाई बिहार सरकारी नियमावली, 1885 के नियम-23 के तहत ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के आधार पर संबंधित अंचल कार्यालयों द्वारा की जाती है.

प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए संशोधित किया

विभाग का कहना है कि वर्तमान में लागू भूमि मापी शुल्क अपेक्षाकृत कम था, जिसे प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए संशोधित किया गया है. नई दरों के अनुसार नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में स्थित रैयती भूमि की मापी के लिए प्रति खेसरा 2000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं अधिकतम शुल्क 8000 रुपये रखा गया है.

ग्रामीण क्षेत्रों में रैयती भूमि की मापी के लिए प्रति खेसरा 1000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि अधिकतम शुल्क 4000 रुपये तय किया गया है.

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शुल्क संशोधन से भूमि मापी सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा.

तत्काल मापी सेवा के लिए भी नई दरें लागू

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आवेदकों को शीघ्र सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्काल भूमि मापी की व्यवस्था भी की है. नई दरों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा 4000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि अधिकतम शुल्क 16 हजार रुपये रखा गया है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा 2000 रुपये शुल्क देय होगा. इसके लिए अधिकतम शुल्क 8 हजार रुपये निर्धारित किया गया है.

क्या कहते हैं अधिकारी

नोखा के अंचल अधिकारी मधुसूदन चौरसिया ने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि मापी का शुल्क प्रति लॉट 500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है. वहीं तत्काल मापी के लिए अब 2000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है.

उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में पहले प्रति लॉट 1000 रुपये शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है. जबकि तत्काल मापी के लिए अब 4000 रुपये शुल्क देना होगा.

अंचल अधिकारी ने कहा कि विभाग का मानना है कि शुल्क संशोधन से भूमि मापी सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा.

इसे भी पढ़ें: अब 30 दिनों में मिलेगी फैक्ट्री खोलने की मंजूरी, बिहार में लागू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम

Previous article लखीसराय सदर अस्पताल का आज का रोस्टर जारी, जानिए किस विभाग में कौन डॉक्टर देंगे सेवा
Next article गोपालगंज के सभी सरकारी विद्यालयों में अचानक पहुंचेगी जांच टीम, पढ़ाई से लेकर स्मार्ट क्लास तक होगी पड़ताल
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार कंटेंट राइटर राजीव कुमार प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं. खबरों के संपादन के क्षेत्र में उनके पास तीन साल का अनुभव है. प्रभात खबर डिजिटल के पटना कार्यालय से जुड़ने से पहले वे भागलपुर में हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर अखबार की संपादकीय टीम में काम कर चुके हैं. बिहार की राजनीतिक, सामाजिक जीवन से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ रखते हैं. विशेषज्ञता राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है. पत्रकारिता अनुभव राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला.दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद प्रभात खबर डिजिटल में पारी की शुरुआत की. शिक्षा/पुरस्कार मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel